मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पूरे जनपद में एक साथ पांच काल्पनिक घटनाओं पर राहत एवं बचाव अभ्यास किया गया।
नैनीताल। ललित जोशी। मानसून आपदा मॉक ड्रिल के तहत सरोवर नगरी नैनीताल सहित पूरे जनपद में गुरुवार को व्यापक स्तर पर अभ्यास कराया गया। मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, फायर सर्विस और अन्य संबंधित विभागों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान का अभ्यास किया। इस दौरान जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल और एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी कंट्रोल रूम से पूरे अभियान की पल-पल निगरानी करते रहे।
मानसून आपदा को लेकर पांच स्थानों पर बनाया गया काल्पनिक परिदृश्य
मॉक ड्रिल के दौरान नैनीताल, हल्द्वानी, कालाढूंगी, बेतालघाट और लालकुआं में एक साथ पांच अलग-अलग काल्पनिक आपदा घटनाएं तैयार की गईं। जैसे ही संबंधित घटनाओं की सूचना जिला प्रशासन को मिली, तुरंत इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) को सक्रिय किया गया और सभी विभागों की टीमें निर्धारित स्थलों के लिए रवाना कर दी गईं।
आलमा कॉटेज क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना पर तुरंत पहुंची राहत टीमें
नैनीताल के मल्लीताल स्थित आलमा कॉटेज क्षेत्र में भूस्खलन की काल्पनिक सूचना मिलते ही जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। मौके पर एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग, जल संस्थान, विद्युत विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए।
इस दौरान रेस्क्यू टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर स्टेजिंग एरिया तक पहुंचाया। वहां पहले से चिकित्सा, राहत, भोजन, सहायता और मुआवजा केंद्र तैयार रखे गए थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तीन घायलों को उपचार के लिए लाया गया, जिनमें से घायलों को बी.डी. पांडे अस्पताल भेजा गया, जबकि गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया।
जिलेभर में पांच अलग-अलग आपदा स्थितियों पर हुआ अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान जिला आपदा परिचालन केंद्र को सबसे पहले नैनीताल जिला मुख्यालय के आलमा कॉटेज क्षेत्र में भारी मलबा गिरने की सूचना प्राप्त हुई।
इसके बाद बेतालघाट स्थित बधो क्षेत्र में काली पहाड़ी से मलबा गिरने तथा शहीद बलवंत मोटर मार्ग बंद होने की सूचना दी गई।
इसके तुरंत बाद कालाढूंगी क्षेत्र की निहाल नदी में मोटर पुल क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई। वहीं हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में गौला नदी के किनारे भूस्खलन एवं भू-कटाव की काल्पनिक घटना बनाई गई। इसी दौरान पांचवीं घटना के रूप में लालकुआं क्षेत्र में गौला नदी में बाढ़ आने की सूचना दी गई।
आईआरएस प्रणाली सक्रिय कर सभी विभागों को किया गया अलर्ट
पांचों स्थानों से घटनाओं की सूचना मिलते ही जिला आपदा परिचालन केंद्र में आईआरएस प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया। इसके बाद पुलिस, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, फायर सर्विस और पेयजल विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियों की टीमों को तत्काल घटनास्थलों के लिए रवाना किया गया।
स्टेजिंग एरिया बनाकर किया गया राहत एवं बचाव अभ्यास
सभी पांचों काल्पनिक घटनास्थलों पर स्टेजिंग एरिया तैयार किए गए, जहां संबंधित विभागों ने समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया। अभियान के दौरान यह परखा गया कि आपदा की स्थिति में विभिन्न विभाग किस प्रकार समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई करते हैं और प्रभावित लोगों तक राहत एवं सहायता समय पर पहुंचाते हैं।
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नैनीताल, उत्तराखंड
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