201 ग्रामीण सेवा शिविरों में 34 हजार से अधिक लोगों का उपचार, एनसीडी स्क्रीनिंग, टीबी मुक्त भारत अभियान और आयुष्मान योजना पर विशेष फोकस।
भीलवाड़ा। पंकज पोरवाल।ग्रामीण सेवा शिविरों से बदली स्वास्थ्य तस्वीर के तहत जिला प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग के संयुक्त प्रयासों से जिलेभर में आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। इन शिविरों के माध्यम से दूर-दराज के गांवों में रहने वाले लोगों को एक ही स्थान पर जांच, उपचार, दवाइयां, स्वास्थ्य परामर्श तथा विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।
अब तक आयोजित 201 ग्रामीण सेवा शिविरों में 34 हजार से अधिक ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर उपचारित किया जा चुका है। शिविरों में विशेष रूप से टीबी मुक्त भारत अभियान, गैर संचारी रोग (एनसीडी) स्क्रीनिंग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं तथा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) पर विशेष फोकस रखा गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना, गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित करना तथा आमजन को विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा निःशुल्क जांच, उपचार, स्वास्थ्य परामर्श तथा आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जा रहा है। इसके साथ ही आवश्यकता अनुसार मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर भी किया जा रहा है।
एनसीडी स्क्रीनिंग में 21,410 लोगों की हुई जांच
ग्रामीण सेवा शिविरों में 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की गैर संचारी रोग (एनसीडी) के अंतर्गत नियमित रूप से ब्लड प्रेशर एवं मधुमेह (शुगर) की जांच की जा रही है।
अब तक 12,199 पुरुष एवं 9,311 महिलाओं सहित कुल 21,410 लोगों की एनसीडी स्क्रीनिंग की गई है। जांच के दौरान संभावित रोगियों की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार, स्वास्थ्य परामर्श तथा नियमित फॉलोअप के लिए संबंधित चिकित्सा संस्थानों से जोड़ा गया है।
आयुष्मान योजना से जोड़े गए हजारों पात्र लाभार्थी
ग्रामीण सेवा शिविरों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान भी चलाया गया।
इस दौरान 2,658 महिला एवं पुरुषों की ई-केवाईसी की गई, जबकि 4,090 लाभार्थियों को आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई कार्ड वितरित किए गए। इससे पात्र परिवार आवश्यकता पड़ने पर योजना के तहत निःशुल्क उपचार का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
34,340 ग्रामीणों को मिला उपचार
ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से अब तक 19,252 पुरुष एवं 15,088 महिलाओं सहित कुल 34,340 ग्रामीणों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदान कर उपचारित किया गया।
शिविरों में ग्रामीणों को सामान्य स्वास्थ्य जांच, रोगों का उपचार, निःशुल्क दवाइयों का वितरण, स्वास्थ्य परामर्श तथा आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफरल सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली नई गति
ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से टीबी मुक्त भारत अभियान को भी प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।
अब तक 12,382 महिला एवं पुरुषों की टीबी स्क्रीनिंग कर संभावित रोगियों की पहचान की गई। इसके अलावा शिविरों के दौरान 245 निक्षय मित्र बनाए गए, जिन्होंने टीबी रोगियों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वहीं 263 टीबी मरीजों को निक्षय पोषण किट एवं पोषण सामग्री वितरित कर उपचार के साथ-साथ पोषण सहयोग भी उपलब्ध कराया गया, ताकि मरीजों के स्वास्थ्य सुधार में सहायता मिल सके।
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Bhilwara, Rajasthan
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