अमृता पूरक स्मारिका पुस्तक का विमोचन
भरतपुर जिला अग्रवाल पेंशनर्स सेवा समिति भरतपुर के द्वारा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिस संगोष्ठी की अध्यक्षता शिक्षा विभाग के रिटायर्ड संयुक्त निदेशक वासुदेव प्रसाद गुप्ता ने की। मुख्य अतिथि अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अनुतोष गुप्ता रहे। न्यायाधीश गुप्ता ने कहा कि जब व्यक्ति सामने वाले से अपने से अधिक अपेक्षा रखता है लेकिन पूर्ण न होने पर वह अधिक निराश व कुन्ठित होता है तथा स्वय की गलती होने पर अपने अहम के कारण गलती को भी स्वीकार नही करता बस यही परिवारों में लम्बे विवाद का कारण बन जाता है। व्यक्ति का स्वय का आचार व व्यवहार ही उसके स्वय के विकसित संस्कारों का प्रदर्शन होता है। शिक्षाविद वासुदेव गुप्ता की अध्यक्षता व समिति अध्यक्ष डा0 अशोक अग्रवाल की कार्य योजना में आयोजित वार्षिक सम्मेलन और’’ विखरते परिवार- सिकुडते सम्बन्धों’’ पर संगोष्ठी हुई । सगोष्ठी प्रारम्भ करने से पूर्व अतिथियो ने महाराजा अग्रसेन के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा अर्चना की तथा सामूहिक आरती गायन किया गया। समिति के 80 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके वरिष्ठ सदस्यों का शाल, साफा , मोती माला, श्रीफल व सम्मान पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया तथा समिति की अमृता पूरक स्मारिका पुस्तक व प्रगति वर्ष 2023-25 का अतिथियो ने विमोचन भी किया। आर डी गर्ल्स कालेज के पूर्व प्राचार्य डा0 अशोक बंसल ने सम्पूर्ण संगोष्ठी के विषय पर अपना संक्षिप्त संम्बोधन दिया तथा बताया कि संगोष्ठी में वर्तमान में बच्चों में संस्कार, वृद्धजनो की भूमिका, आज का युवा और सोशल मीडिया, विवाहोत्तर सम्बन्ध विच्छेद पर विशेष चर्चा होगी। समिति का वार्षिक प्रतिवेदन महामन्त्री सतीश कुमार गुप्ता द्वारा पढा गया। एस वी के गर्ल्स स्कूल की प्रधानाचार्य तृप्ति सिंघल ने बच्चो में संस्कार को परिभाषित करते कहा कि संस्कार का मतलब ऐसे आचरण विकसित करना है जिससे परिष्कृत होकर एक बालक परिवार ,समाज और राष्ट् के योग्य बनता है। वर्तमान समय में माताऐं जन्मदात्री की भूमिका का निर्वाह तो कर रही है किन्तु निर्मात्री की भूमिका अदा नही कर रही। जिला वैश्य महासभा की महामन्त्री शोभा कंसल ने पति पत्नि सम्बन्ध व सम्बन्ध विच्छेद पर कहा कि उच्च शिक्षा व रोजगार से दोनो का स्वावलम्वन तथा रोजगार व्यस्थता में मानसिक तनाव, संचार सुविधाओं से शीघ्र सम्पर्कता, एकल परिवार की सोच, वृद्धजनो का हस्तक्षेप व उन्हें रखने की नापन्दगी आज विावाह सम्ब्नन्ध विच्छेद के कारण बन रहे है। अन्तरराष्ट्ीय वैश्य महासम्मेलन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग गर्ग ने युवा और बढते सोशल मीडिया उपयोग पर कहा कि वर्तमान में युवाओं के इलैक्ट्ोनिक उपकरणों के अधिक समय तक उपयोग करने तथा उन पर प्राप्त आपराधिक सामिग्री तथा भौतिक महत्वाकाक्षाओ के बढ जाने से युवक भटक गया है। रोजगार की कमी व उनकी वैवाहिक उम्र बढ जाना भी इसका कारण बन गया है। जिला अग्रवाल महासभा के अध्यक्ष सी ए अतुल मित्तल ने परिवार में वृद्धजनो की भूमिका पर कहा कि वृद्धजन अनुभव और ज्ञान का भण्डार होते है वे संस्कारों और परंपराओं के संरक्षक भी होते है अतः उनका सम्मान संस्कारो की रक्षा करना है। जहॉ बच्चों और युवाओं को उनके अच्छे स्वास्थ्य व खानपान का ध्यान रखना चाहिए वही वृद्धजनो को भी वर्तमान समय की व्यस्त जीवन शैली में अपने विचार परिवार पर नही थोपने चाहिए। स्ंागोष्ठी का संचालन महामंत्री सतीश कुमार गुप्ता ने किया तथा आभार उपाध्यक्ष वृजेश कुमार मंगल द्वारा व्यक्त किया गया। इस अवसर पर समिति संरक्षक ई एस एन अग्रवाल, लक्ष्मीनारायण गुप्ता, जे पी अग्रवाल, उच्चेन निवासी भामाशाह एवं शिक्षाविद्ध रिखव मित्तल,महेश चन्द्र अग्रवाल, हेमराज गोयल, डा0 गिरधारी लाल अग्रवाल, डा0 सी एम गोयल, डा0 एल पी गुप्ता, डा0 डी डी गोयल, कोषाध्यक्ष दीनदयाल गुप्ता, वरिष्ठ सदस्य लक्ष्मी नारायण गुप्ता बैक आर एस गुप्ता आर पी गर्ग महेन्द्र भूषण गुप्ता, सी एम गुप्ता, सतीश चन्द्र सिंघल, ओम प्रकाश गुप्ता, सुधीर मिततल, वेद प्रकाश सिंघल, विशन चन्द गुप्ता अशोक कुमार गुप्ता श्याम विहारी अग्रवाल सुरेश चन्द्र अग्रवाल सत्य प्रकाश बंसल के साथ जिले की अग्रवाल समाज की क्षेत्रीय ईकाइयों के पदाधिकारी महिला पुरूष व बडी संख्या में पेंशनर्स सदस्य उपस्थित रहे।