एएनएम संघ ने प्रमुख शासन सचिव के बयान का किया विरोध, निष्पक्ष जांच की मांग


एलएचवी/एएनएम संघ ने निष्पक्ष जांच से पहले एएनएम को दोषी ठहराने पर आपत्ति जताई, बयान वापस लेने और सम्मान बनाए रखने की मांग की।

डीग। एएनएम संघ राजस्थान ने प्रमुख शासन सचिव के बयान का विरोध जताते हुए प्रसूता मृत्यु प्रकरण में निष्पक्ष जांच से पहले फील्ड में कार्यरत एएनएम को जिम्मेदार ठहराने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। एलएचवी/एएनएम संघ ऑफ राजस्थान की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि बिना तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष जांच के किसी भी स्वास्थ्यकर्मी को दोषी ठहराना उचित नहीं है।

संघ की जिला अध्यक्ष ममता भारद्वाज ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में जब भी कोई अप्रिय घटना सामने आती है, तो बिना पूरी जांच के फील्ड में कार्यरत एएनएम को ही जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है। उन्होंने इसे अनुचित, दुर्भाग्यपूर्ण और स्वास्थ्यकर्मियों के मनोबल को प्रभावित करने वाला बताया।

एएनएम निभाती हैं अनेक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि एएनएम स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं और वे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अनेक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन करती हैं। उनके कार्यों में टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, परिवार कल्याण कार्यक्रम, महिला एवं पुरुष नसबंदी, अंतराल साधनों का वितरण, मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया नियंत्रण, विभिन्न स्वास्थ्य सर्वेक्षण, राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार, पीसीटीएस, यू-विन, लाइन लिस्टिंग, ऑनलाइन रिपोर्टिंग तथा विभिन्न मोबाइल एप्लीकेशनों पर डेटा एंट्री जैसे दायित्व शामिल हैं।

संघ का कहना है कि इतनी व्यापक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बावजूद किसी भी घटना में बिना जांच एएनएम को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं है।

निष्पक्ष जांच से पहले किसी को दोषी न ठहराने की मांग

जिला अध्यक्ष ममता भारद्वाज ने कहा कि एएनएम न तो प्रयोगशाला तकनीशियन होती हैं और न ही विशेषज्ञ चिकित्सक, जो प्रत्येक प्रसूता की गहन चिकित्सकीय जांच कर सकें। इसके बावजूद हर घटना के लिए एएनएम को जिम्मेदार ठहराना उनके सम्मान और आत्मविश्वास को ठेस पहुंचाने वाला है।

उन्होंने मांग की कि किसी भी घटना में निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच पूरी होने से पहले किसी भी एएनएम को दोषी नहीं ठहराया जाए।

बयान वापस लेने और आंदोलन की चेतावनी

एलएचवी/एएनएम संघ ऑफ राजस्थान ने प्रमुख शासन सचिव से अपने बयान को तत्काल वापस लेने तथा भविष्य में इस प्रकार के बयान देने से बचने की मांग की है।

संघ ने यह भी चेतावनी दी कि यदि एएनएम के सम्मान और हितों की लगातार अनदेखी की गई, तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं कार्य बहिष्कार किया जाएगा। संघ के अनुसार, ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

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