मनमानी तरीके से किए गए खनन पट्टा से ग्रामीणों में भारी आक्रोश


मृतक को जिंदा ठहरा कर फर्जी हस्ताक्षर से करा लिया गया फर्जी बैनामा

शिकायत पर उप जिला अधिकारी बारा ने दिया था जांच का आदेश अभी तक नहीं निकला हल

गंभीर समस्याओं को लेकर भाकियू प्रयाग ने निकाली 9 किलोमीटर की पदयात्रा

तहसीलदार बारा को ज्ञापन सौंपते हुए की गई सख्त कार्यवाही की मांग

प्रयागराज।जनपद के यमुनानगर बारा तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत धरा,डेरा,बांकीपुर से भारतीय किसान यूनियन प्रयाग के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी बारा के कार्यालय तक पदयात्रा निकाली गई। ज्ञात हो कि इन दिनों नए खनन पट्टा स्वीकृत को लेकर ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों की माने तो खनन पट्टा स्वीकृत में कोई आम सहमति नहीं बनी ना ही कभी ग्राम सभा की बैठक हुई। मनमाने तरीके से खनन पट्टा कर के बिना किसी अनुमति के डीप होल ब्लास्टिंग किया जा रहा है। ग्रामीणों के विरोध पर उन्हें मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जा रही। वहीं ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अब खनन विभाग द्वारा गौशाला के पास की जमीन को भी पट्टा स्वीकृत कर दिया है। जिसके विरोध पर मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। वही दूसरी तरफ 20 वर्ष पहले मृत व्यक्ति मोहन पुत्र परमेश्वर द्वारा फर्जी इकरारनामा की घटना भी सामने आई है। जिस पर तहसील प्रशासन बारा ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं किया। इन्हीं सब बातों को लेकर भारतीय किसान यूनियन प्रयाग के प्रदेश अध्यक्ष के के मिश्रा और जिला उपाध्यक्ष ऋषि पांडेय के नेतृत्व में 9 किलोमीटर की पदयात्रा निकालकर तहसीलदार बारा गणेश सिंह को ज्ञापन दिया गया। जिसमें मुख्य रूप से बिना ग्रामीणों के सहमति के खनन पट्टा स्वीकृत करना। गौशाला के बगल खनन पट्टा स्वीकृत होना, ग्रामीणों को मुकदमे की धमकी। पत्रकार और वकील के चोले में माफियाओं का तहसील में प्रभाव। पहाड़ी क्षेत्रों में पानी की किल्लत आदि को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। प्रदेश अध्यक्ष के के मिश्रा द्वारा कहा गया कि जल्द ही ज्ञापन में दिए गए बिंदुओं पर कार्यवाही नहीं होती तो भारतीय किसान यूनियन प्रयाग धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशाशन की होगी। वही जिला उपाध्यक्ष ऋषि पांडेय द्वारा कहा गया कि इन दिनों बारा तहसील में भू माफिया के रूप में कई सफेदपोश लोग भी शामिल है। जो किसान और खेती को पूरी तरह नष्ट कर देना चाहते है। उपजाऊ भूमि को लगातार बंजर बनाया जा रहा है। और मृत किसानों की भूमि का भी बैनामा और एग्रीमेंट किया जा रहा है। वही अभयपुर किसान के मुद्दे पर भी जोर दिया। जिसमें कहा गया कि अगर मृत व्यक्ति बैनामा कर सकता है तो बिना किसान के उपस्थिति के नीलामी क्यों नहीं की जा सकती इसलिए अभयपुर के किसानों की नीलामी की जांच हो।पदयात्रा में सैकड़ों किसान मजदूर मौजूद रहे।


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