फ्लाई ऐश ईट भट्ठों पर सस्ते मजदूर के रुप में बेगार की चक्की में पिस्ता बचपन खप रहा नौनिहालों का भविष्य


बरसों पहले प्रतिबंधित बंधुआ मजदूरी आज भी है सक्रिय

प्रयागराज। बाल श्रम अपराध है लेकिन सीमेंट/फ्लाई ऐश(राख) ईट संचालक खुलेआम इस अपराध में संलिप्त हैं। बाल श्रम कानून को ठेंगा दिखाते हुए यहां बच्चों से काम करवाया जा रहा है जिम्मेदार महकमा सिर्फ चाय, नाश्ता के दुकानों पर छापामारी कर कर्तव्यों से इतिश्री कर ले रहा है। क्षेत्र में उद्योग के नाम पर बड़ी संख्या में सीमेंट फ्लाई ऐश ईट भट्टे संचालित हैं। इनमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं जहां छोटे-छोटे बच्चे भट्ठा संचालकों के लिए सस्ते में मजदूर हैं।सामान्य मजदूरी से आधे रेट में इन्हें भुगतान मिलता है बाल श्रम में फंस कर यह बच्चे स्कूल का मुंह नहीं देख पाते हैं। ऐसा ही एक पूरा मामला हैजनपद के यमुनानगर परगना बारा क्षेत्र अंतर्गत प्रयागराज बांदा एनएच हाईवे 35 पर स्थित अभय इंटरलॉकिंग ब्रिक्स आम गोंदर का है जहां धड़ल्ले से बिना सेफ्टी के छोटे-छोटे बच्चों से जहरीला राखड़ गिरवाया जा रहा है। इस बाबत जब अभय इंटरप्राइजेज के मालिक से बाल मजदूरी के विषय में बात की गई तो मालिक का कहना था कि मैं एक वकील हूं और आपसे ज्यादा मुझे नियम कानून मालूम है मैं अपना धंधा करवा रहा हूं कोई चोरी नहीं। अब बड़ा और अहम सवाल यह उठता है कि जब कानून का पाठ पढ़ाने वाले रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे तो जिन नौनिहालों के हाथ में कलम और कागज होने का समय है जो देश के भविष्य हैं इनका बचपन ईट भट्ठों पर सस्ते मजदूर के रुप में खप रहा है। बाल श्रम पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर छापामारी सिर्फ शहर व चौक चौराहों पर चल रहे चाय नाश्ता की दुकानों तक ही सीमित है। ऐसे में ठोस कार्यवाही ना होने से सीमेंट फ्लाई ऐश ईट कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।

यह भी पढ़ें :  एसडीम कोरांव से मिला भाजपा प्रतिनिधि मंडल, एसडीम ने इंस्पेक्टर को तलब कर सख़्त कार्यवाही के दिए निर्देश

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now