शाहपुरा के असीम व्यास ने आईजी एसटीसी बीएसएफ जोधपुर में संभाला पदभार


इस पर पर पहुंचने वाले भीलवाड़ा जिले के प्रथम शख्स है असीम व्यास

शाहपुरा के मूल निवासी असीम व्यास ने आईजी एसटीसी बीएसएफ जोधपुर में पदभार संभाल लिया है। इस पद पर पहुंचने वाले असीम व्यास भीलवाड़ा जिले के पहले शख्स है। हाल ही में उपमहानिरीक्षक बीएसएफ सेक्टर हैड क्वार्टर जैसलमेर उत्तर से व्यास महानिरीक्षक, सहायक प्रशिक्षण केन्द्र जोधपुर पद पर पदोन्नत हुए थे। असीम व्यास के पदभार ग्रहण करने पर समूचे शाहपुरा में प्रसन्नता का माहौल दिख रहा है। उल्लेखनीय है कि असीम व्यास ने सन् 1987 में सहायक समादेष्टा (सीधी भर्ती) के माध्यम से सीमा सुरक्षा बल में (बी.एस.एफ.) ज्वॉइन की थी।
व्यास ने इन 36 वर्षो में नॉर्थ ईस्ट के इंसजेंसी से ग्रसित कठिन क्षेत्रों, कश्मीर के दुर्गम स्थलों, राजस्थान, गुजरात और बंगाल के सीमांत क्षेत्रों में सीमा पर होने वाले अपराधों पर नकेल कसने में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दिया। कश्मीर में भी एंटी मिलिटेंट ऑपरेश में निडरता से अपनी योजना से कई खूँखार आतंकवादियों को मौत के घाट उतारने में सफलता प्राप्त की और हथियार, गोला, बारूद के जखीरों को जब्त किया। पश्चिम बंगाल में अपनी कमाण्ड में सैकड़ों तस्करों को गिरफ्तार कर तकरीबन 65 करोड़ मूल्य के तस्करों के सामानों को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। कई तस्करों को मुठभेड़ में जान से हाथ धोना पड़ा। परिणाम स्वरूप कई तस्करों को क्षेत्र छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ा। इनकी कमांड में 2000 के करीब बांग्लादेशी घुसपेठियों को पकड़ने में भी सफलता प्राप्त की जो उस समय का एक रिकॉर्ड रहा। इन्होंने बोस्निया हरजेगोविना में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भी महत्वपूर्ण योगदान देकर भारतवर्ष का मान बढ़ाया।
व्यास ने अपने तकनीकी ज्ञान से संचार, आई.टी. और प्रशिक्षण में भी अतुलनीय योगदान दिया। विशिष्ट उपकरण कार्यशाला प्रमुख के रूप में गृह मंत्रालय के सलाहकार का कार्य भी किया। इनके अनुभव और कर्मठता को देखते हुए भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समुद्र के साथ लगे प्रांतों और यू.टी. (ज) की मरीन पुलिस को प्रशिक्षित करने की व उनके लिए प्रशिक्षण केन्द्र ओखा में स्थापित करने की महत्तवपूर्ण जिम्मेदारी दी। जिसे उन्होंने सफलातापूर्वक निभाया। इन्होंने इसके बाद जैसलमेर और तनोट क्षेत्र के संवेदनशील इलाके में सवा साल के करीब क्षेत्रीय मुख्यालय जैसलमेर (उत्तर) को कमांड किया और इसी दौरान भारत सरकार के गृहमंत्री, कृषि राज्य मंत्री, पशुपालन, मत्स्य एवं दुग्ध उत्पादन राज्य मंत्री, राजस्थान के मुख्य मंत्री समेत कई गणमान्य व्यक्तियों का सीमांत दौरा करवाया।
सेवा के दौरान असीम व्यास, महानिरीक्षक को सराहनीय सेवा के लिए 13 बार आई.जी. सी.सी., 05 बार महानिदेशक प्रशस्ति पत्र, यू. एन. मेडल, पी.एम.एम.एस., महानिदेशक सराहना पत्र एवं कई अन्य प्रशस्ति पत्रों से सम्मानित हुए। इनकी अतुलनीय सेवाओं और उत्कृष्ठ कार्यो को देखते हुए इनको भारत सरकार ने महानिरीक्षक पद पर पदोन्नत किया। भीलवाड़ा जिले में केन्द्रीय आर्मड पुलिस फॉर्स में महानिरीक्षक पद पर पहुँचने वाले ये सर्वप्रथम अधिकारी भी हैं। ये जिले के लिए बहुत ही गौरव की बात है। अभी इनको सहायक प्रशिक्षण केन्द्र, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), जोधपुर में पदस्थ किया है जहाँ इन्हें सीमा प्रहरियों को तैयार करने की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी का निर्वहन करना है ।


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