नववर्ष 2026 का ज्योतिषीय संदेश- सूर्यदेव की ऊर्जा से उन्नति के संकेत, महंगाई में राहत की उम्मीद


मूलांक 1 का प्रभाव, 3, 5, 6 व 8 वालों के लिए भी शुभ वर्ष, जमीन की कीमतों में उछाल और जल आपदाओं की आशंका

शाहपुरा- मूलचन्द पेसवानी। नववर्ष 2026 को लेकर ज्योतिषीय गणनाएं देश और समाज के लिए नई ऊर्जा, नेतृत्व और उन्नति के संकेत दे रही हैं। अंक शास्त्र के अनुसार वर्ष 2026 का योग (2़0़2़6=10) मूलांक 1 को दर्शाता है, जिसके अधिपति सूर्यदेव हैं। सूर्य को ऊर्जा, आत्मविश्वास, नेतृत्व और प्रगति का कारक माना जाता है। ऐसे में वर्ष 2026 को नई सोच, निर्णायक नेतृत्व और विकास की दिशा में बढ़ते कदमों से जोड़कर देखा जा रहा है।
ज्योतिषाचार्य आचार्य योगेंद्र शर्मा ने बताया कि सूर्यदेव के प्रभाव वाला यह वर्ष देश को नई दिशा देगा। प्रशासनिक और नेतृत्व क्षमता में मजबूती आएगी तथा ईमानदार और कर्मठ लोगों को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। महंगाई में राहत के संकेत भी बन रहे हैं, हालांकि शनि, राहु और केतु की स्थिति के कारण वर्ष के दौरान कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। प्राकृतिक आपदाएं, हिंसक घटनाएं और वैश्विक असंतुलन की परिस्थितियां बन सकती हैं, लेकिन भारत इन चुनौतियों को पार करने में सक्षम रहेगा।

गुरु-शनि की चाल से व्यापार और शिक्षा को लाभ, जल आपदाओं की चेतावनी-

अंतरराष्ट्रीय ज्योतिषी आचार्य योगेंद्र शर्मा (पंडित श्री बाबाधाम शक्ति पीठ) ने बताया कि मार्च माह में गुरु के मिथुन राशि में सीधी चाल से आने पर उद्योग, व्यापार और शिक्षा क्षेत्र में लाभ के योग बनेंगे। पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों में कृषि और व्यवसाय से जुड़े अवसर बढ़ेंगे। वहीं शनि के जल तत्व राशि मीन में रहने से वर्षभर जल से संबंधित प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बनी रहेगी, जिससे सतर्कता आवश्यक होगी।

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गुरु प्रदोष व्रत से नववर्ष का शुभारंभ-

धार्मिक कैलेंडर के अनुसार 31 दिसंबर को पौष शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है, जिस दिन पौष पुत्रदा एकादशी (गौण), वैष्णव पौष पुत्रदा एकादशी और कूर्म द्वादशी जैसे पर्व मनाए जाएंगे। इसी के साथ वर्ष 2025 का समापन होगा। 1 जनवरी 2026 को गुरु प्रदोष व्रत के साथ नववर्ष का शुभारंभ होगा। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है और मनोकामना पूर्ति का कारक माना जाता है। गुरुवार होने से भगवान विष्णु का प्रभाव भी रहेगा। रोहिणी नक्षत्र, रवि योग और वृषभ राशि में उच्च के चंद्रमा जैसे शुभ योग नए साल को विशेष फलदायी बना रहे हैं।

महंगाई में राहत, चांदी के भाव गिरने के संकेत-

बृहस्पति के मिथुन राशि में प्रभाव से धर्म और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलेगा। ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार 2026 में महंगाई में कमी संभव है। चांदी के भाव में गिरावट के संकेत हैं, जबकि सोने के दामों में बड़ी गिरावट की संभावना कम बताई जा रही है। शनि और राहु के प्रभाव से शेयर बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकता है। मंगल के प्रभाव से भूमि और भवन की खरीदारी में तेजी आएगी, जिससे जमीन की कीमतें बढ़ सकती हैं।

मूलांक और राशियों पर प्रभाव-

मूलांक 1, 3, 5, 6 और 8 वालों के लिए वर्ष 2026 विशेष शुभ रहेगा। भूमि-भवन से जुड़े कार्य आगे बढ़ेंगे। मूलांक 1, 3, 7 और 9 के कार्यों में सफलता मिलेगी। खेलों में देश का नाम रोशन होगा, विद्यार्थियों को सफलता और रोजगार के अवसर मिलेंगे, जबकि सेना का शौर्य और देश का यश बढ़ेगा।

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राशियों के अनुसार संकेत

  • मेष- आय में वृद्धि और नए रोजगार के योग।
  • वृषभ- दांपत्य जीवन सुखद, योजनाएं सफल।
  • मिथुन- स्वास्थ्य पर ध्यान, निवेश में सावधानी।
  • कर्क- खर्च बढ़ेंगे, मेहनत अधिक करनी होगी।
  • सिंह- गृह कलह और धन हानि की आशंका।
  • कन्या- पदोन्नति और संतान सुख।
  • तुला- अचानक धन लाभ, संबंधों में सुधार।
  • वृश्चिक- नौकरी में तरक्की, संपत्ति से लाभ।
  • धनु- यात्राएं बढ़ेंगी, खर्च भी अधिक होगा।
  • मकर- सेहत पर ध्यान, मेहनत से सफलता।
  • कुंभ- कार्यभार अधिक, अंततः सफलता।
  • मीन- कार्यों में देरी, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार।

कुल मिलाकर नववर्ष 2026 ऊर्जा, नेतृत्व और विकास का संदेश लेकर आ रहा है। जहां अवसर भी हैं और चुनौतियां भी, लेकिन संतुलित प्रयास से सफलता के द्वार खुलने के संकेत स्पष्ट हैं।


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