जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने तहसीलवार समीक्षा में वरासत और दाखिल-खारिज के लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए
प्रयागराज। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को एनआईसी कक्ष में तहसीलवार राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी अपर जिलाधिकारियों, उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कर शून्य करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से राजस्व संबंधी अन्य लंबित प्रकरणों की भी सुनवाई में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
पांच वर्ष से पुराने वादों के निस्तारण पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पांच वर्ष से अधिक पुराने राजस्व वादों को शीर्ष प्राथमिकता पर लेते हुए उनका निस्तारण किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए।
निर्विवादित वरासत के सभी मामले निस्तारित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्विवादित वरासत से संबंधित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी न हो और पात्र आवेदकों को समय पर राहत मिले।
दाखिल-खारिज के बाद खतौनी में अमलदरामद प्राथमिकता पर
बैठक में दाखिल-खारिज के बाद खतौनी में अमलदरामद की कार्यवाही को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद खतौनी में आवश्यक प्रविष्टियां समय पर दर्ज हों और ऐसे सभी लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया जाए।
बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी, सभी अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी के निर्देशों का उद्देश्य राजस्व वादों के लंबित मामलों में कमी लाना, वरासत और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को सुचारु बनाना तथा आमजन को समय पर राजस्व संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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Prayagraj, Ouuta Pradesh
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