बच्चे सुबह स्कूल जाने के बजाय पानी के लिए लगाते हैं लाइन
महिलाएं घर का कामकाज छोड़ सुबह 5:00 बजे से ही करती है पानी का इंतजार
भरतपुर- जिले की नदबई विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार विधायक से शिकायत करने के बावजूद भी अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। जबकि पानी को लेकर वादे बड़े-बड़े किए गए थे। लेकिन लोगों को पीने के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है। विधानसभा क्षेत्र के गांव चक रामनगर, रामनगर नगला बंजारा, मलाह सहित करीब एक दर्जन के करीब ऐसे गांव हैं जहां लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। महिलाएं 3 से 4 किलोमीटर दूरी तय करके सड़क के किनारे पानी लेने के लिए आती है। साथ ही छोटे-छोटे बच्चे भी स्कूल जाने के बजाय सुबह से ही प्यास बुझाने की कवायद में लगे रहते हैं। महिलाओं को सुबह होते ही पानी की चिंता सताती है। क्योंकि रसोई का कामकाज ही पानी से शुरू होता है। महिलाओं का कहना है कि उनका दिन पानी भरने की जद्दोजहद में ही गुजर जाता है। छोटे-छोटे बच्चों का कहना है कि पढ़ाई लिखाई की उम्र में वह पानी की जद्दोजहद से जूझ रहे है। चुनावों के दौरान वादे तो बड़े-बड़े किए जाते हैं। लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है और यह पानी की समस्या करीब पिछले 4 साल से बनी हुई है। महिलाओं का कहना है कि घर के लोग मजदूरी पर चले जाते हैं और हमें घर का सब कामकाज छोड़कर करीब 3 किलोमीटर दूर पानी लेने जाना पड़ता है । और ऐसे में बच्चों को भी पढ़ाई से वंचित रखकर पानी की लाइन में लगाना पड़ता है। तब जाकर कहीं पानी की पूर्ति हो पाती है। पानी की जद्दोजहद इतनी है कि एक व्यक्ति को पूरे परिवार के लिए 20 से 25 लीटर ही पानी मिल पाता है। ऐसे में इस पानी से प्यास बुझाई जाए या फिर घर के अन्य काम में लिया जाए। यह बड़ी समस्या लोगों के सामने बनी हुई है। लोगों का कहना है कई बार प्रशासन से शिकायत की स्थानीय विधायक से शिकायत की लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
P. D. Sharma

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