भीलवाड़ा में संघ के तीन पथ संचलनों का त्रिवेणी संगम, जगह-जगह पुष्पवर्षा


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष और विजयादशमी उत्सव पर सात नगरों के स्वयंसेवक हुए शामिल, सुबह 10:21 बजे अंबेडकर चौराहे और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में हुआ संगम

भीलवाड़ा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष एवं विजयादशमी उत्सव के अवसर पर मंगलवार को भीलवाड़ा महानगर में तीन पथ संचलनों का अनूठा संगम देखने को मिला। महानगर के सात नगरों के स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में तीन अलग-अलग स्थानों से अनुशासित कदमताल करते हुए निकले। अंबेडकर चौराहे और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में तीनों संचलनों का ‘त्रिवेणी संगम’ हुआ। इस दौरान शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।

तीन अलग-अलग स्थानों से निकले पथ संचलन

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहला पथ संचलन कृषि उपज मंडी, दूसरा हरि सेवा धाम और तीसरा राजेंद्र मार्ग विद्यालय से प्रारंभ हुआ। तीनों संचलनों में भीलवाड़ा महानगर के सात नगरों के स्वयंसेवक शामिल हुए।

पूर्ण गणवेश में अनुशासित कदमताल करते हुए स्वयंसेवक अपने निर्धारित मार्गों से आगे बढ़े। अलग-अलग स्थानों से निकले संचलनों का अंबेडकर चौराहे और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक साथ मिलना आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।

सुबह 10:21 बजे हुआ ऐतिहासिक त्रिवेणी संगम

पथ संचलन की निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सुबह 10 बजकर 21 मिनट पर अंबेडकर चौराहे और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में तीनों संचलनों का संगम हुआ। अलग-अलग दिशाओं से आई स्वयंसेवकों की कतारें एक साथ मिलीं तो क्षेत्र में अनुशासित कदमताल का दृश्य देखने को मिला।

इसके बाद सुबह 10 बजकर 26 मिनट पर गोल प्याऊ चौराहे से तीनों संचलन निर्धारित योजना के अनुसार अलग-अलग मार्गों पर आगे बढ़े। भीमगंज थाना से एमजी हॉस्पिटल के मुख्य द्वार के बीच संचलनों की क्रमबद्ध आवाजाही के दौरान स्वयंसेवकों की लंबी कतारें नजर आईं।

जगह-जगह पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

त्रिवेणी संगम पथ संचलन के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया। प्रमुख चौराहों, बाजारों और मार्गों पर लोग संचलन देखने के लिए एकत्र हुए।

स्वागत और उत्साह के बीच स्वयंसेवक निर्धारित मार्गों पर अनुशासित कदमताल करते हुए आगे बढ़ते रहे। संघ के शताब्दी वर्ष के इस विशेष आयोजन में स्वयंसेवकों और नागरिकों की भागीदारी देखने को मिली।

शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे संचलन

तीनों संचलन अपने निर्धारित मार्गों से शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और धार्मिक स्थलों के आसपास से गुजरे। इनके मार्ग में सरकारी दरवाजा, गोल प्याऊ चौराहा, एमजी हॉस्पिटल, भीमगंज थाना, बड़ा मंदिर, बद्री विशाल मंदिर, शहीद चौक, झलकारी देवी चौराहा (सांगानेरी गेट), माली समाज नोहरा, ब्रज कोट के माताजी और माणिक्य नगर चौराहा सहित प्रमुख स्थल शामिल रहे।

इन मार्गों से गुजरते समय स्वयंसेवकों की अनुशासित पंक्तियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचलनों का समापन हरि सेवा धाम और राजेंद्र मार्ग विद्यालय में हुआ।

शताब्दी वर्ष में संगठनात्मक एकात्मता का संदेश

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष संगठन की सौ वर्षों की यात्रा, सेवा और समर्पण को स्मरण करने का अवसर है। इसी क्रम में विजयादशमी पर आयोजित त्रिवेणी संगम पथ संचलन में अनुशासन, समन्वय और संगठनात्मक एकात्मता पर जोर दिखाई दिया।

तीन अलग-अलग स्थानों से संचलन शुरू होकर एक स्थान पर संगम करना और फिर निर्धारित मार्गों पर आगे बढ़ना आयोजन की विशेषता रही। नागरिकों की सहभागिता और जगह-जगह हुए स्वागत के बीच भीलवाड़ा महानगर का यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का हिस्सा बना।

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