बीजीटीए बैठक में सर्वसम्मति से फैसला, मांगें पूरी नहीं होने तक ट्रांसपोर्ट नगर बंद रखने का लिया निर्णय
भीलवाड़ा । भीलवाड़ा ट्रांसपोर्टरों ने सरकार की कथित ट्रांसपोर्ट विरोधी नीतियों के विरोध में आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। भीलवाड़ा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (बीजीटीए) की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को ट्रांसपोर्ट नगर स्थित यूनियन हॉल में आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 13 जुलाई से प्रस्तावित राजस्थानव्यापी चक्का जाम में भीलवाड़ा के ट्रांसपोर्टर पूरी ताकत के साथ शामिल होंगे और इस दौरान ट्रांसपोर्ट नगर पूर्ण रूप से बंद रखा जाएगा।
बीजीटीए सचिव अरिहंत जैन ने बताया कि बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने निर्णय लिया कि सरकार की कथित ट्रांसपोर्ट विरोधी एवं दमनकारी नीतियों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को भीलवाड़ा जिले में भी मजबूती प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टर अपने अधिकारों और न्यायोचित मांगों को लेकर एकजुट हैं तथा मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
बीजीटीए बैठक में सैकड़ों ट्रांसपोर्टर रहे मौजूद
बैठक की अध्यक्षता बीजीटीए अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने की। इस अवसर पर संरक्षक जयकुमार पाटनी, ज्ञानचंद जैन, प्रवीण चौधरी, सुनील सोडाणी, महेंद्र सोगानी, गोपाल बंसल, योगेश अग्रवाल, मुकेश शर्मा, दीपक सोगानी, राहुल कटारिया, रतन मीणा, चिंतन जैन, सुनील प्रजापति, मुकेश प्रजापत, दिलबाग सिंह एवं रणवीर सिंह सहित सैकड़ों ट्रांसपोर्टर, ट्रक मालिक, ट्रेलर मालिक और मोटर मालिक उपस्थित रहे।
बैठक में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और आंदोलन को शांतिपूर्ण एवं संगठित तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
13 जुलाई से ट्रांसपोर्ट नगर में नहीं होगा माल परिवहन
बैठक में निर्णय लिया गया कि 13 जुलाई से ट्रांसपोर्ट नगर से किसी भी प्रकार का माल परिवहन नहीं किया जाएगा। इसके अलावा बाहर से आने वाले मालवाहक वाहनों की अनलोडिंग भी एसोसिएशन के यूनियन हॉल में उपस्थित पदाधिकारियों की अनुमति के बाद ही की जाएगी।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन के दौरान अनुशासन बनाए रखा जाएगा और सभी ट्रांसपोर्टर एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में सहयोग करेंगे।
व्यापारियों और आमजन से आंदोलन में सहयोग की अपील
एसोसिएशन के संरक्षक जयकुमार पाटनी ने सभी व्यापारिक संगठनों, उद्योगपतियों, व्यापारियों और आमजन से 13 जुलाई से शुरू होने वाले चक्का जाम को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से प्रदेश का व्यापार और उद्योग सीधे जुड़ा हुआ है। इसलिए अपने अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
भीलवाड़ा में पहले भी हो चुके हैं आंदोलनात्मक कार्यक्रम
बैठक में वक्ताओं ने बताया कि इससे पहले 4 जुलाई को भीलवाड़ा बंद एवं विशाल वाहन रैली आयोजित की गई थी। इसके बाद जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं से अवगत कराया गया था। इस आंदोलन को प्रदेशभर में व्यापक समर्थन मिला था।
वहीं, 8 जुलाई को जयपुर के शहीद स्मारक पर आयोजित धरना एवं शक्ति प्रदर्शन में भी भीलवाड़ा से करीब 50 प्रतिनिधियों ने भाग लिया और आंदोलन को मजबूती प्रदान की।
मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा संघर्ष
बैठक के अंत में सभी ट्रांसपोर्टरों एवं वाहन मालिकों ने संकल्प लिया कि जब तक सरकार उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन पूरी एकजुटता, अनुशासन और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा जाएगा।
बीजीटीए अध्यक्ष विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने कहा कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय लंबे समय से सरकार की उपेक्षा का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग का दर्जा देने सहित वर्षों पुरानी न्यायोचित मांगों पर अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने कहा कि नई नीतियों के कारण ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है, जिससे लाखों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। यदि सरकार ने जल्द ही मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
वहीं, सचिव अरिहंत जैन ने कहा कि यह केवल ट्रांसपोर्टरों का आंदोलन नहीं है, बल्कि व्यापार, उद्योग और प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा जनहित का विषय है। बैठक का संचालन सचिव अरिहंत जैन ने किया।
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Bhilwara, Rajasthan
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