चातुर्मास के दौरान महिलाओं ने प्रतिदिन सामूहिक भजन-कीर्तन किया, फूल बंगला झांकी सजाकर बालाजी को भोग लगाया और पंगत प्रसाद ग्रहण किया।
बौंली, बामनवास। चातुर्मास प्रारंभ होने के साथ पिछले एक माह से चल रहे धार्मिक भजन-कीर्तन कार्यक्रम का बौंली नगर में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर नगर की महिलाओं ने सिद्धपीठ रामबाड़ी बालाजी मंदिर पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की और भगवान बालाजी को भोग लगाया।
समापन कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने बालाजी की फूल बंगला झांकी सजाई। इसके बाद प्रतिदिन की भांति सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन किया गया। धार्मिक भजनों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
फूल बंगला झांकी सजाकर किया बालाजी का श्रृंगार
धार्मिक आयोजन के समापन अवसर पर महिलाओं ने सिद्धपीठ रामबाड़ी बालाजी की आकर्षक फूल बंगला झांकी सजाई। फूलों से सजे मंदिर परिसर में भगवान बालाजी के दर्शन कर महिलाओं ने पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
फूल बंगला झांकी के साथ सामूहिक भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक धार्मिक भजन प्रस्तुत किए।
एक माह तक नियमित चला भजन-कीर्तन
आयोजन से जुड़ी महिलाओं के अनुसार चातुर्मास प्रारंभ होने के साथ ही पिछले एक माह से धार्मिक भजन-कीर्तन का क्रम लगातार जारी था। प्रतिदिन महिलाएं सामूहिक रूप से एकत्रित होकर भगवान का स्मरण और भजन-कीर्तन करती थीं।
एक माह तक चले इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य सामूहिक रूप से भगवान की आराधना करना और धार्मिक वातावरण को बनाए रखना रहा। समापन अवसर पर महिलाओं ने विशेष रूप से बालाजी को भोग अर्पित कर कार्यक्रम का समापन किया।
भोग के बाद पंगत प्रसाद ग्रहण किया
भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के बाद भगवान बालाजी को भोग लगाया गया। इसके पश्चात महिलाओं ने अपने परिजनों एवं मित्रों के साथ पंगत प्रसाद ग्रहण किया।
धार्मिक आयोजन के दौरान महिलाओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। सामूहिक प्रसाद ग्रहण कर सभी ने धार्मिक कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।
भक्ति और सामूहिक सहभागिता का दिया संदेश
एक माह तक चले भजन-कीर्तन के समापन कार्यक्रम ने महिलाओं की धार्मिक आस्था और सामूहिक सहभागिता को दर्शाया। कार्यक्रम के माध्यम से चातुर्मास के दौरान नियमित धार्मिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया।
सिद्धपीठ रामबाड़ी बालाजी पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम का समापन श्रद्धा, भक्ति और सामूहिक प्रसाद के साथ हुआ।
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Sawai Madhopur, Rajasthan
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