सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन साध्वी नंदिनी जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और दान-पुण्य का महत्व बताया
बौंली। क्षेत्र के भीमेश्वर शिवालय शिव बगीची स्थित श्री राम कला मंडल के रंगमंच पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। कथा के दौरान साध्वी दीदी नंदिनी जी महाराज, वृंदावन धाम ने अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वहीं भजनों की मधुर प्रस्तुति पर महिला और पुरुष श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर झूमते और नृत्य करते नजर आए।
कथा वाचन के दौरान साध्वी दीदी नंदिनी जी महाराज ने माता सीता द्वारा अगस्त मुनि को भोजन कराने, भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाकर भक्तों को संकट से मुक्ति दिलाने सहित अनेक धार्मिक प्रसंगों का मार्मिक वर्णन किया। कथा के माध्यम से उन्होंने भगवान की लीलाओं का महत्व समझाते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सेवा का संदेश दिया।
भजनों पर श्रद्धालु हुए भावविभोर
कथा के दौरान प्रस्तुत भक्ति भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। जैसे ही भजन गूंजे, महिला और पुरुष श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर नृत्य करने लगे। पूरा कथा पांडाल भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारों के साथ कथा का आनंद लिया।
दान हमेशा श्रेष्ठ वस्तु का करें : साध्वी नंदिनी जी महाराज
अपने प्रवचन में साध्वी दीदी नंदिनी जी महाराज ने दान-पुण्य की महिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दान सदैव अच्छी और उपयोगी वस्तु का ही करना चाहिए, क्योंकि भगवान के नाम पर जो दान किया जाता है, उसका फल भी उसी स्वरूप में प्राप्त होता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कुछ लोगों में दान के लिए सबसे सस्ती और हल्की वस्तु खरीदने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। ऐसी मानसिकता उचित नहीं है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि यदि श्रद्धा और भावना से श्रेष्ठ वस्तु का दान नहीं कर सकते, तो केवल औपचारिकता निभाने के लिए दान करने से बचना चाहिए।
साध्वी ने अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं को सेवा, समर्पण और सच्ची श्रद्धा के साथ धर्म मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए कहा कि सच्चे मन से किया गया दान और पुण्य ही जीवन को सार्थक बनाता है।
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Sawai Madhopur, Rajasthan
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