जिला स्तरीय जनसुनवाई में आमजन को मिली राहत


सम्भागीय आयुक्त ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही तुरन्त कार्रवाई के दिये निर्देश, जिला स्तरीय जनसुनवाई में आमजन को मिली राहत

भरतपुर, 26 जुलाई। संभागीय आयुक्त सांवरमल वर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन बुधवार को कलेक्ट्रैट सभागार में किया गया। ें संभागीय आयुक्त ने जिलेभर से आये लोगों के परिवादों की गम्भीरता से सुनवाई करते हुए मौके पर निस्तारण करने के निर्देश सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को दिये तथा जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निराकरण कर परिवादियों को राहत दिलाने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों का सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज कर सम्बंधित विभाग को आवंटन करें। जनसुनवाई में 28 प्रकरण प्राप्त हुए जिनमें प्रमुख रूप से अतिक्रमण, सड़क, पेयजल, चिकित्सा, एनएफएसए एवं बीपीएल की सूची में नाम जुड़वाने सहित अन्य प्रकरण शामिल रहे।
बैठक में एडीएम (प्रशासन) रतन कुमार, एडीएम(सिटी) श्रीमती बीना महावर, जिला परिषद सीईओ दाताराम, नगर विकास न्यास के सचिव कमलराम मीणा, एएसपी भूपेन्द्र, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक जेपी चांवरिया, एलडीएम भूपेन्द्र जैन, महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक सहित अन्य सम्बंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सिलिकोसिस नीति के तहत आर्थिक सहायता दिलाने हेतु की अभिशंषा
जनसुनवाई के दौरान कामां निवासी विधवा मीरा आर्थिक सहायता की उम्मीद लेकर सम्भागीय आयुक्त की जिला स्तरीय जनसुनवाई में उपस्थित हुईं। मीरा ने बताया कि सिलिकोसिस बीमारी के कारण उनके पति नरेश का निधन हो गया था। जिसके चलते मीरा एवं उसके परिवार को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर सम्भागीय आयुक्त ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करते हुए राज्य सरकार की सिलिकोसिस नीति के तहत 5 लाख रूपये की आर्थिक सहायता एवं अंतिम संस्कार के 10 हजार रूपये दिलाने की अभिशंषा राज्य सरकार से की।
इसी क्रम में वैर निवासी विधवा कमलेश जनसुनवाई के दौरान संभागीय आयुक्त के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए बताया कि उनके पति गोरधन का निधन कुछ समय पहले सिलिकोसिस बीमारी के चलते हो गया था। जिससे उन्हें परिवार का भरण-पोषण करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सम्भागीय आयुक्त ने मौके पर ही सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करते हुए राज्य सरकार की सिलिकोसिस नीति के तहत आर्थिक सहायता दिलाने की अभिशंषा राज्य सरकार से की।
सम्भागीय आयुक्त ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा राजस्थान सिलिकोसिस नीति 2019 के तहत सिलिकोसिस रोगी के प्रमाणीकरण पर रोगी को 3 लाख रूपये देय है। सिलिकोसिस रोगी की मृत्यु के उपरान्त परिवारजनों को 2 लाख एवं अंतिम संस्कार हेतु 10 हजार रूपये देय है एवं पीड़ित को पेंशन 1500 रूपये प्रतिमाह देय है। सिलिकोसिस विधवा पेंशन के अन्तर्गत 75 वर्ष से कम आयु तक 1 हजार रूपये प्रतिमाह एवं 75 से अधिक आयु पर 1500 रूपये प्रतिमाह देय है। उन्होंने बताया कि सिलिकोसिस पीड़ित के परिवार को पालनहार योजना सहित आस्था कार्डधारी परिवार के समान समस्त सुविधाओं यथा एनएफएसए आदि से लाभान्वित किया जाता है।


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