श्रमिकों की बेटियों के लिए खोला कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र: महिला सशक्तिकरण की नई पहल


भीलवाड़ा|आज बाल व महिला चेतना समिति ने गांधीनगर, भीलवाड़ा में श्रमिक परिवारों की बेटियों के लिए एक कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। यह पहल न केवल तकनीकी कौशल के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रयास है, बल्कि उनके आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय
समिति की अध्यक्ष तारा अहलूवालिया ने उद्घाटन के दौरान कहा, “जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती हैं, तो वे न केवल अपने परिवार को सहारा देती हैं, बल्कि समाज में अपनी अलग पहचान भी बनाती हैं। हमारा उद्देश्य महिलाओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान देकर उन्हें डिजिटल युग में अवसरों के योग्य बनाना है।”

उन्होंने बताया कि यह केंद्र श्रमिक परिवारों की बेटियों को बुनियादी कंप्यूटर शिक्षा से लेकर एडवांस डिजिटल स्किल्स तक का प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इस पहल से महिलाओं को नौकरी, स्वरोजगार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

श्रमिक परिवारों में नई ऊर्जा का संचार
कार्यक्रम में स्थानीय महिलाओं और किशोरियों का उत्साह देखने लायक था। किशोरी प्रिया ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “यह हमारे लिए एक नया अवसर है। कंप्यूटर सीखकर हम अपने परिवार की मदद कर सकेंगे और अपने सपनों को पूरा कर सकेंगे।”

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तकनीकी कौशल के साथ परंपरागत हुनर का मेल
तारा अहलूवालिया ने यह भी कहा कि कंप्यूटर प्रशिक्षण के साथ-साथ परंपरागत कौशल जैसे सिलाई, बुनाई और हस्तशिल्प पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि महिलाओं को हर दिशा में मजबूत बनाया जा सके।

समिति की टीम की अहम भूमिका
कार्यक्रम में कंप्यूटर ट्रेनर आफरीन ने प्रशिक्षण की रूपरेखा साझा की और बताया कि यह कोर्स न केवल कंप्यूटर ज्ञान देगा, बल्कि रोजगार से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी फोकस करेगा। समिति के अन्य कार्यकर्ताओं, जैसे श्याम लाल, गरिमा पंचोली, परमेश देव और भावना जोशी, ने भी आयोजन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम
यह प्रशिक्षण केंद्र केवल कौशल विकास का स्थान नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है, जो महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा और उन्हें अपनी क्षमताओं पर विश्वास दिलाएगा।

स्थानीय लोगों ने की सराहना
गांधीनगर के श्रमिक परिवारों ने इस पहल की सराहना की। स्थानीय निवासी रीना देवी ने कहा, “समिति का यह कदम हमारी बेटियों के लिए एक नई शुरुआत है। अब वे डिजिटल युग के साथ कदमताल कर पाएंगी।”

बाल व महिला चेतना समिति की प्रतिबद्धता
समिति की यह पहल समाज में महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करती है। यह कदम न केवल भीलवाड़ा, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
यह कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र एक ऐसा प्रयास है, जो महिलाओं और किशोरियों को उनके जीवन में नई संभावनाओं की राह दिखाएगा। बाल व महिला चेतना समिति ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही दिशा और संसाधन मिले, तो महिलाएं किसी भी बाधा को पार कर सकती हैं।


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