दादा कायम खां का 604 वां शहादत दिवस 14को मनाया जाएगा


दादा कायम खां का 604 वां शहादत दिवस 14को मनाया जाएगा

शाहपुरा|कायमखानी कॉम के प्रथम पुरुष नवाब दादा कायम खां ( गवर्नर हिसार 1383 से 1419 ) की शहादत 14 जून 1419 को हुई थी। इस दिवस को कायमखानी समाज प्रतिवर्ष शहादत दिवस के रूप में मनाता हैं इस वर्ष भी इनके 604 वें शहादत दिवस पर भी शाहपुरा कायमखानी समाज विभिन्न सामाजिक एवं जनहित के कार्य कर दादा कायमखां को खिराजेअक़ीदत पेश करेगा।
जीवदया सेवा समिति के संयोजक अत्तु खा कायमखानी ने बताया कि मशहूर वीर योध्दा चौहान वंश के लोकदेवता गोगा जी (गोगा मेड़ी ददरेवा) परिवार के वंशज में राजा मोटेराव चौहान के पुत्र कर्म सिंह चौहान ने शहंशाहे हिन्द फिरोजशाह तुगलग एवं हांसी पिर साहब की शख्सियत एवं रूहानी तालीम से प्रभावित होकर कर्मसिंह पुत्र राजा मोटेराव चौहान ने इस्लाम धर्म कुबूल किया। इन्ही के खानदान को कायमखानी कहा जाता है नवाब कायमखां वीर योद्धा एवं रूहानी पुरुष थे । कायमखानी कॉम शौर्य, साहस, वतन परस्ती, बहादुर, वफादारी ओर बेजुबान गायों की रक्षा की मिसाल मानी जाती हैं वे समाज मे गायों की रक्षा में अग्रणी थे। आपके शासनकाल में गायों की रक्षा एवं सुरक्षा के लिए फतेहपुर व झुंझुनू का बिड़ (गोचर भूमि) राज्य का सबसे बड़ा बीड़ आज भी सुरक्षित हैं दादा कायमखां के शासन में गौ हत्या निषेध का कानून था जो अपने आप मे एक मिसाल हैं
पार्षद डॉ. इशाक खान कायमखानी ने बताया कि इस 14 जून को दादा कायमखां के शहादत दिवस पर सामाजिक और जनहित के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे जिसमें मदरसा सुजातुल इस्लाम कायमखानी मोहल्ला में फ़ातेहख़ानी होगी। सुबह 10 बजे से खारे कुएं पर सफाई अभियान चलेगा जिसमे विगत 10 वर्षों से बंद पड़े कचरे के ठेर में तब्दील ओर वर्षो तक क्षेत्र की प्यास बुझाकर लाइफलाइन कहलाने वाले कुएं की सफाई, मवेशियों के लिए पानी की खेल की सफाई, बेजुबान मवेशियों को हरा चारे का वितरण, पक्षियों के लिए परिंडा वितरण आदि कार्यक्रम होंगे।
14 जून को शहादत दिवस पर होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में शहर के कायमखानी कॉम के बुजुर्ग, युवा, प्रशासनिक अधिकारी, राजनीतिक पार्टियों के सदस्य, सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाए, प्रकृति एवं पर्यवारण के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओ के पदाधिकारी अपना योगदान देंगे।

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Moolchand Peshwani 


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