शासनादेश को नजरअंदाज करने पर तुले आपूर्ति निरीक्षक बारा -ग्रामीण
प्रयागराज। जनपद के यमुनानगर विकासखंड शंकरगढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा नेवरिया के ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक आश्रित कोटे में बारिश को अब राशन दुकान का आवंटन अनुकंपा पर नहीं बल्कि योग्यता के आधार पर ही किया जाएगा। खाद्य व रसद विभाग की तरफ से इस संबंध में जारी नए दिशा निर्देश 2019 में मृतक कोटेदार की ख्याति की अच्छी छवि के आधार पर वारिस को कोटे की दुकान आवंटित करने की पुरानी व्यवस्था 2019 में ही समाप्त कर दी गई है। राशन दुकानदार की मृत्यु के बाद मृतक आश्रित कोटे में राशन दुकान का आवंटन पाने के लिए मृतक कोटेदार के बारिश को नए सिरे से आवेदन कर दुकान संचालन संबंधी सभी पात्रता पूरी करनी होगी। इसके आधार पर ग्रामीण क्षेत्र में एसडीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी अधिकतम 2 माह में ऐसे मामलों का निस्तारण करेगी। जबकि पहले राशन दुकानदार की मृत्यु हो जाने पर उसके वारिस को परिवार के भरण-पोषण के लिए मृतक आश्रित कोटे में राशन दुकान के संचालन का लाइसेंस जारी कर दिया जाता था हालांकि इसके तहत ऐसे दुकानदारों के बारिश को मृतक आश्रित कोटे की दुकान का आवंटन नहीं होता था जिनके खिलाफ शिकायत की गड़बड़ी रही हो इसे अनुचित बताते हुए मृतक आश्रित कोटे के तहत राशन दुकान पाने से वंचित रहे कुछ वारिस ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर गुहार लगाई थी। हाई कोर्ट द्वारा मृतक आश्रित कोटे की राशन दुकान के आवंटन में ख्याति की जगह पात्रता आधार बना नई नियमावली तैयार कर लागू कराने का निर्देश खाद्य व रसद विभाग को दिया गया था इसी के अनुपालन में आयुक्त खाद्य रसद विभाग की पहल पर साल 2019 में शासन के अनुमोदन बाद मृतक आश्रित कोटे में वारिस को राशन दुकान आवंटित किए जाने की नई व्यवस्था लागू करने का शासनादेश जारी किया गया था। इसमें मृतक कोटेदार के वारिस को परिवार के भरण पोषण के लिए राशन दुकान आवंटन से जुड़े मानकों के अनुपालन के आधार पर किए जाने की व्यवस्था लागू की गई है। जबकि आपूर्ति निरीक्षक बारा सारे नियम कानून को ताक पर रखकर अपने चहेते कोटेदार को आवंटन करने पर तुले हैं ऐसे में प्रदेश की योगी सरकार की साफ-सुथरी छवि को धूमिल करने पर आमादा हैं। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि खुली बैठक करवा कर ईमानदार छवि के व्यक्ति को राशन दुकान आवंटित की जाए।
R. D. Diwedi

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