डीग में एनीमिया की श्रेणीवार जांच और उपचार के लिए बनेगा प्रस्ताव


जिला कलक्टर मयंक मनीष ने स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिए निर्देश, प्रसव सेवाओं के विस्तार और निर्माणाधीन अस्पतालों के कार्यों में तेजी पर जोर

डीग। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में प्रगति लाने और एनीमिया नियंत्रण के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार की जाएगी। जिला कलक्टर मयंक मनीष ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की बैठक में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक में चिकित्सा विभाग की बजट घोषणाओं, निर्माणाधीन अस्पतालों की प्रगति, प्रसव सेवाओं के विस्तार, एनीमिया की सामूहिक जांच और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्यों की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

एनीमिया नियंत्रण के लिए बनेगी संयुक्त कार्ययोजना

एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि इस संबंध में जयपुर मुख्यालय को पत्र लिखा जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग, चिकित्सा विभाग और शिक्षा विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित करने को कहा।

उन्होंने तीनों विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर एनीमिया नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। जिले में एनीमिया की सामूहिक जांच के लिए श्रेणीवार प्रस्ताव तैयार करने तथा जांच में एनीमिया पाए जाने पर संबंधित श्रेणी के अनुसार उपचार और आवश्यक हस्तक्षेप की कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए।

कामां अस्पताल की निविदा जारी, दो स्थानों पर निर्माण जारी

बैठक में चिकित्सा विभाग की बजट घोषणाओं के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कामां अस्पताल के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रण सूचना (एनआईटी) जारी हो चुकी है।

वहीं, खोह और पूंछरी का लौठा में अस्पताल निर्माण कार्य प्रगतिरत है। जिला कलक्टर ने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

प्रसव सेवाओं से वंचित चिकित्सा संस्थानों पर रहेगा फोकस

जिला कलक्टर ने उन चिकित्सा संस्थानों की समीक्षा करने के निर्देश दिए, जहां अभी प्रसव सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने ऐसे संस्थानों में प्रसव सेवाएं शुरू कराने के लिए आवश्यक प्रयास करने पर जोर दिया।

इसके लिए अक्टूबर और नवंबर माह के संभावित प्रसव लक्ष्य निर्धारित करने तथा एएनएम सहित संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने संस्थानवार प्रसव सेवाओं की स्थिति का आकलन कर लक्ष्य तय करने को कहा, ताकि मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाई जा सके।

टीबी, एएनसी पंजीकरण और टीकाकरण में सुधार के निर्देश

बैठक में स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े अन्य संकेतकों की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने टीबी नोटिफिकेशन शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा कुम्हेर ब्लॉक में एएनसी पंजीकरण की संख्या बढ़ाने तथा डीग और कुम्हेर में टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति सुधारने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्यों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

दीपावली पर खाद्य पदार्थों की जांच बढ़ाने को कहा

आगामी दीपावली को देखते हुए जिला कलक्टर ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सक्रिय रहकर खाद्य पदार्थों के नमूने लेने की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूत करना है।

बैठक में जेजेएवाई के तहत भुगतान संबंधी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए।

अधिकारियों को नियमित समीक्षा के निर्देश

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंघल सहित चिकित्सा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिला कलक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी कार्यों की नियमित समीक्षा करने और विभिन्न कार्यक्रमों के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए विभागीय समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

यह भी पढ़ें:


Aawaz Aapki News WhatsApp चैनल से जुड़ें:

सबसे तेज़ और ताज़ा खबरें सीधे अपने व्हाट्सएप पर पाएं।

WhatsApp अभी जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *