भाकियू प्रयाग ने मानकविहीन ब्लास्टिंग का आरोप लगाया, खनन इंस्पेक्टर के जांच और कार्रवाई के आश्वासन पर धरना स्थगित किया।
प्रयागराज। जनपद के यमुनानगर क्षेत्र के बारा अंतर्गत धरा-बांकीपुर पहाड़ पर हो रही कथित मानकविहीन भारी ब्लास्टिंग के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (प्रयाग) का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को समाप्त हो गया। धरना स्थल पर पहुंचे खनन विभाग के इंस्पेक्टर वैभव सोनी को किसानों ने ज्ञापन सौंपकर ब्लास्टिंग पर नियंत्रण और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई की मांग की। खनन इंस्पेक्टर की ओर से जांच एवं उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने धरना स्थगित कर दिया।
धरने की अध्यक्षता किसान नेता ऋषि पांडे ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और मजदूर धरना स्थल पर मौजूद रहे। किसानों ने आरोप लगाया कि खदान संचालकों द्वारा पहाड़ पर निर्धारित मानकों से अधिक विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि दिन में कई बार होने वाले तेज धमाकों से आसपास के गांवों में भय और परेशानी का माहौल बना हुआ है।
ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें आने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार लगातार हो रही हैवी ब्लास्टिंग के कारण धरा, बांकीपुर और आसपास के गांवों में कई कच्चे-पक्के मकानों की दीवारों में दरारें आने की शिकायत सामने आई है। तेज धमाकों से बच्चों और बुजुर्गों में भी भय का माहौल बना रहता है।
किसानों का कहना है कि ब्लास्टिंग से उत्पन्न कंपन और तेज आवाज के कारण ग्रामीणों को अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
गौशालाओं के आसपास गोवंश की सुरक्षा को लेकर चिंता
किसानों ने बताया कि पहाड़ के समीप संचालित गौशालाओं में भी ब्लास्टिंग का असर दिखाई देता है। तेज धमाकों से गोवंश घबरा जाते हैं और कई बार इधर-उधर भागने की स्थिति बन जाती है। इससे उनके घायल होने तथा सड़क पर पहुंचने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
किसानों ने मांग की कि गौशालाओं और आबादी क्षेत्र के आसपास ब्लास्टिंग की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा गोवंश एवं ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें
खनन इंस्पेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं। इनमें—
- ब्लास्टिंग का निश्चित समय निर्धारित किया जाए, ताकि ग्रामीण पहले से सतर्क रह सकें।
- निर्धारित खनन एवं सुरक्षा मानकों के अनुसार ही नियंत्रित मात्रा में विस्फोट किया जाए।
- ब्लास्टिंग से प्रभावित मकानों का सर्वे कराया जाए।
- प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाया जाए।
- गौशालाओं और आबादी क्षेत्र के आसपास ब्लास्टिंग पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
किसानों ने कहा कि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई होने से ग्रामीणों और पशुओं की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर किया जा सकेगा।
जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
मौके पर पहुंचे खनन इंस्पेक्टर वैभव सोनी ने किसानों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान खनन या ब्लास्टिंग से जुड़े निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित खदान संचालक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खनन विभाग के आश्वासन के बाद भारतीय किसान यूनियन (प्रयाग) ने अपना अनिश्चितकालीन धरना स्थगित कर दिया।
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Prayagraj, Ouuta Pradesh
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