अनुशासन ही जीवन का रक्षा कवच- उपाध्याय


अनुशासन ही जीवन का रक्षा कवच- उपाध्याय
शाहपुरा में उद्बोधन सप्ताह का समापन 7 को

शाहपुरा-मूलचन्द पेसवानी। शाहपुरा में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत शुक्रवार को अनुशासन दिवस का आयोजन लोकमान्य उच्च प्राथमिक विद्यालय में अणुव्रत समिति के तत्वावधान में किया गया।
मुख्य वक्ता शाहपुरा समिति के पूर्व अध्यक्ष सेवानिवृत उपनिदेशक तेजपाल उपाध्याय ने कहा कि अनुशासन जीवन का रक्षा कवच है। अनुशासन हमे जीवन में गलती के कारण होने नुकसान से बचाने के साथ समय का सदुपयोग कर आगे बढ़ने के अवसर सुलभ कराता है। अनुशासन संस्कार के रूप में हमारे जीवन में स्थाई स्थान बनाता है।
बचपन में माता पिता विद्यालय हमारे जीवन निर्माण के लिए अनुसासन का बीजा रोपण करते है।
संयोजक गोपाल पंचोली ने कहा कि आज का बालक ही कल का नागरिक होगा। इसलिए बचपन से ही अणुव्रत के छोटे छोटे संकल्प के द्वारा स्वयं को अनुशासित कर लेने वाला बालक कल की चिंता से ग्रस्त न होकर कल की चुनौतियों के अवसर में बेलने वाला बनकर योग्य नागरिक बन सकता है। बालक में अनुशासन के स्वस्थ व्यक्ति समाज का निर्माण किया जा सकता है।
पंडित सुनील भट्ट ने अणुव्रत गीत का गायन करते हुए कार्यक्रम का संचालन किया। समिति अध्यक्ष विक्रम सिंह शक्तावत ने विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए संचालक बीएल पारीक को अणुव्रत साहित्य भेंट कर सम्मानित किया।
समापन व सम्मान समारोह आज
संयोजक गोपाल पंचोली ने बताया कि शाहपुरा में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का समापन एव अणुव्रत क्रिएटीवीटी प्रतियोगिता क्ज्ञ सम्मान समारोह 7 अक्टूबर शनिवार को प्रातः 10 बजे रामस्नेही संप्रदाय के संत श्री दिव्येश राम जी महाराज के सानिध्य में होगा। इसमें मुख्य अतिथि उषा सिसोदिया अणुव्रत क्रिएटीविटी प्रभारी होगी। कार्यक्रम श्री रामचरण कन्या विद्या पीठ में होगा।


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