ओबीसी अधिकार मंच राजस्थान की संभाग स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस


बांसवाड़ा| ओबीसी अधिकार मंच राजस्थान की संभाग स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस बांसवाड़ा मुख्यालय पर मंच के संरक्षक नाथूलाल पाटीदार के नेतृत्व में होटल रिलैक्स इन में की गई । प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओबीसी के विषय को लेकर राज्य सरकार तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के में कार्य कर रहे हैं ओबीसी वर्ग के पदाधिकारी से प्रश्न पूछे गए।मंच के संयोजक डॉक्टर नरेश पटेल ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2023 से पूर्व तत्कालीन केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जो वर्तमान में भी कैबिनेट मंत्री भारत सरकार है ने कहा था कि राजस्थान के आठ जिलों में गहलोत सरकार ओबीसी के आरक्षण को नहीं दे रही है। भाजपा सरकार आने पर इन आठ जिलों (बांसवाड़ा डूंगरपुर प्रतापगढ़ उदयपुर पाली राजसमंद सिरोही चित्तौड़) के ओबीसी के साथ न्याय किया जाएगा। ऐसा ही आश्वासन तत्कालीन राजस्थान भाजपा प्रभारी अरुण सिंह द्वारा भी दिया गया था। राजस्थान में भाजपा की सरकार आने के बाद माननीय मुख्यमंत्री महोदय तथा तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी तथा वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को भी इस विषय पर अवगत कराया गया है लेकिन आज दिनांक तक ओबीसी की समस्याओं को लेकर कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया। मंच के संरक्षक नाथूलाल पाटीदार ने सभी राजनीतिक दलों के ओबीसी वर्ग के पदाधिकारियों से ओबीसी आरक्षण की समस्या को सुलझाने में आगे आने का आह्वान किया। ओबीसी में आने वाले सभी समाजों को भी आगे आकर टीएसपी में ओबीसी आरक्षण के लिए ओबीसी अधिकार मंच राजस्थान के साथ जुड़ने का आह्वान किया। मंच के प्रवक्ता लोकेंद्र गुर्जर ने बताया कि टीएसपी क्षेत्र के ओबीसी को राजस्थान की विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा में मिलने वाली उम्र तथा प्रतिशत की छूट से भी वंचित रखा गया है जिससे इस क्षेत्र के हजारों ओबीसी बेरोजगार प्रभावित हुए। मंच के डा नरेश कुमार पाटीदार ने कहा कि राजनीतिक दलों में ओबीसी वर्ग से आने वाले पदाधिकारी ओबीसी आरक्षण और ओबीसी की समस्या पर मौन है। राजनीतिक दलों ने ओबीसी मोर्चा तो बना रखा है लेकिन ओबीसी की समस्या पर चुप है।मंच के नगर अध्यक्ष लक्ष्मीकांत भावसार ने कहा टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी की जनसंख्या लगभग 22 प्रतिशत है, इसलिए राज्य में ओबीसी को मिलने वाला संवैधानिक 21 प्रतिशत आरक्षण टीएसपी में भी लागू कराया जावे। मंच के संयोजक डॉ नरेश पटेल ने आगामी जनगणना में जातिगत जनगणना करने की मांग की और कहा कि यदि केंद्र सरकार जातिगत जनगणना नहीं करती है तो ओबीसी अधिकार मंच राजस्थान असहयोग आंदोलन करेगा और सरकार इसके लिए जेल में भी डालना चाहे तो डाल सकती है। जाति समाज का सच है। जब एसटी और एससी में जातिगत जनगणना हो सकती है तो ओबीसी और जनरल में क्यों नहीं। बिरसा मुंडा जयंती के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ओबीसी अधिकार मंच की टीम मुख्यमंत्री से भेंट कर पुनः इस विषय को याद दिलाएगी।


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