मनमानी के चलते गंगापुर सिटी की हो रही है, दुर्दशा; सामजिक कार्यकर्त्ता की जनहित में अपील


शासन की प्रतिक्रिया हो जनकल्याणकारी : जायसवाल

गंगापुर सिटी।पंकज शर्मा। गंगापुर सिटी के सामाजिक कार्यकर्त्ता देवकीनन्दन जायसवाल ने बताया कि गंगापुर सिटी पुरानी और क्षतिग्रस्त सड़कों को नाॅन पैचेवल और मिसिंग लिंक सड़के बताकर सड़क पुनर्निर्माण के नाम पर अधिकांश संवेदको/ठेकेदारों द्वारा नियमों के विरुद्ध पुरानी सड़कों की परतें हटाए बिना ही पुरानी सड़कों के ऊपर ही नई सड़कों का निर्माण कर दिया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप लोगों के मकानों दुकानों की प्लिन्थ लेवल डाउन या नगन्य हो जाने के कारण ऐसे मकानों दुकानों की वैल्यूएशन कम होने के साथ ही उनमें बरसात का कीचड़ पानी भरने की सम्भावना भी प्रबल हो जाती है। गंगापुर सिटी में पिछले कई वर्षों से रोड कंस्ट्रक्शन प्रावधानों के विरुद्ध सड़कों का निर्माण किया गया है, किया जा रहा है और किए जाने की तैयारी चल रही है। जबकि रोड कंस्ट्रक्शन प्रावधानों एवं डी०एल०बी० के निर्देशानुसार नई सड़क का निर्माण पुरानी सड़क की लेयर्स हटाकर अधिकतम पुरानी सड़क की ऊंचाई के बराबर ही किया जाना अर्थात पुनर्निर्मित सड़क का फाइनल रोड लेवल पुरानी सड़क के फाइनल रोड लेवल से अधिक नहीं किया जाना आज्ञापक है।

अभी भी जारी है लापरवाही

मेरी जानकारी में आया है कि अब भी गंगापुर सिटी के क्षेत्रों में पुरानी सड़कों को नॉन पैचेवल या मिसिंग लिंक सड़कें बताकर सड़क पुनर्निर्माण के नाम पर पुरानी सड़कों के ऊपर ही नई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है/निर्माण करने की तैयारी चल रही है, इस विधि विरुद्ध प्रक्रिया के चलते स्थानीय निवासियों के मकानों दुकानों की प्लिंथ लेवल डाउन हो गई है और होने जा रही है।
मकानों दुकानों की प्लिंथ लेवल डाउन होने से क्षेत्रिय लोगों के मकानों दुकानों की वैल्यूवेशन (कीमत) कम होने के साथ ही ऐसे अधिकांश मकानों दुकानों में बरसात का कीचड़ पानी भरने की संभावना भी प्रबल हो गई है/हो जावेगी।
किसी व्यक्ति, संवेदक, एजेंसी, विभाग या कम्पनी के किसी विधि विरुद्ध कृत्य के कारण आमजन की सम्पत्ति की वैल्यूवेशन (कीमत) कम होती है अथवा मौसमी या अन्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं अथवा उनके सुविधा व सुख के अधिकार का हनन होता है अथवा लोगों के नागरिक अधिकारों का हनन होता है तो ऐसा कृत्य अपराध की श्रेणी के अंतर्गत आता है।
माननीय अपेक्स (सुप्रीम) न्यायालय भी पुरानी सड़क की खुदाई किए बगैर पुरानी सड़क के ऊपर नई सड़क की ढलाई नहीं करने सम्बन्धी विनिश्चिय पारित कर चुका है।

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कब तक चलेगा यह सिलसिला.?

मेरे विचार से इसका सटीक जवाब तो यही है कि यह सिलसिला तब तक चलता ही रहेगा जब तक कि आमजन जागृत नहीं हो जाता और गलत का विरोध करने नहीं लग जाता है, क्योंकि शोषण करने वाले से ज्यादा दोषी तो शोषित होने वाला स्वयं होता है।
प्रश्न यह है कि गंगापुर सिटी अथवा कहीं भी सड़कों का निर्माण विधिविरुद्ध, मनमानी व ढर्रागत नीति के अनुसार होना चाहिए ? अथवा नियमों के अनुरूप और आमजन के हित को ध्यान में रखकर ?
यह आमजन एवं सम्मानीय जनप्रतिनिधियों की इच्छाशक्ति व जागृति पर निर्भर है और निर्भर करेगा।
लेकिन एक बात तो तय है कि यदि इसी प्रकार पुरानी सड़कों के ऊपर ही नई सड़कें बनती रही तो निकट भविष्य में ही सड़कें ऊपर और मकान नीचे होंगे।

क्या हो सकते हैं समाधान.?

जिन क्षेत्रों में विधि विरुद्ध प्रक्रिया के तहत पुरानी सड़क की लेयर्स हटाये बिना ही पुरानी सड़क के ऊपर ही नई सड़क बनाई जाती है अथवा बनाई जा रही है, वहां के प्रभावित स्थानीय लोगों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि को प्रथम प्राथमिकता से एकजुटता प्रदर्शित करते हुए सम्बन्धित संवेदक/ठेकेदार एवं मौके पर उपस्थित वर्किंग टीम से रोड कंस्ट्रक्शन प्रावधानों के तहत सड़क निर्माण कार्य करने के लिए कहना चाहिए और मौके पर गलत तरीके से किए जा रहे कार्य की वीडियोग्राफी अवश्य बनानी चाहिए।
तत्पश्चात क्षेत्र के माननीय विधायक महोदय जी एवं नगर परिषद सभापति जी को बिना किसी शक और संकोच के वस्तुस्थिति एवं अपनी समस्या से अवगत अवश्य करवाना चाहिए,
माननीय विधायक महोदय जी एवं माननीय सभापति जी जनहितेषी एवं सुलझे हुए व्यक्तित्व के धनी है और क्षेत्र के सभी जन उनके लिए एक समान हैं, इसलिए माननीय विधायक जी एवं माननीय सभापति जी मदद अवश्य करेंगे।

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क्या लोगों की एकजुटता एवं इच्छाशक्ति जनविरोधी व गलत तरीके से किए जा रहे कार्यों को तुरन्त प्रभाव से रोकने में सक्षम नहीं है?

क्या विधि व जन के विरुद्ध किए जा रहे कार्यों की शिकायत प्रशासनिक स्तर पर नहीं की जा सकती है? जैसे कि माननीय जिला कलेक्टर महोदय जी को

क्या जनविरोधी कार्यों की शिकायत राजस्थान संपर्क पोर्टल 181 पर दर्ज नहीं कराई जा सकती है?

यदि किसी क्षेत्र में पुरानी सड़क के ऊपर ही नई सड़क का निर्माण किया जा रहा है तो क्या इस सम्बन्ध में सक्षम न्यायालय में कानूनी कार्यवाही नहीं की जा सकती है
और
क्या माननीय सक्षम न्यायालय से पुरानी सड़क की लेयर्स हटाकर नई सड़क निर्माण करवाने के अंतरिम आदेश शीघ्र पारित करने की प्रार्थना नहीं की जा सकती है?

यदि किसी क्षेत्र में पुरानी सड़क के ऊपर ही नई सड़क बना दी गई है तो क्या ऐसी सड़क को नियमानुसार पुनः निर्माण करने वास्ते माननीय न्यायालय में कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती है?
अथवा
पुरानी सड़क के ऊपर ही नई सड़क बनाने के परिणामस्वरूप मकानों दुकानों की प्लिंथ लेवल डाउन होने के कारण जिन लोगों की प्रॉपर्टी की वैल्यूवेशन (कीमत) कम हुई है या जिन लोगों को अपनी संपत्ति का उपयोग उपभोग करने वास्ते पुनः निर्माण की आवश्यकता है, ऐसे लोग क्या सक्षम न्यायालय में अपनी संपत्ति की वैल्यूवेशन (कीमत) क्षतिपूर्ति एवं पुनः निर्माण क्षतिपूर्ति राशि का सिविल सूट या दावा प्रस्तुत नहीं कर सकते हैं?
मेरे विनम्र मतानुसार उक्त सभी कानूनी प्रक्रियाओं पर अमल किया जाना संभव हैं।

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अपेक्षाएं आपसे

मेरी प्रथम व प्राथमिक अपेक्षा तो आमजन से ही है कि अमजन अपनी शक्ति को पहचाने, अपने अधिकारों को समझें और शोषित होते रहने की प्रवृत्ति को त्याग कर अन्याय व गलत के खिलाफ डटकर संघर्ष करें, क्योंकि ईश्वर भी उन्हीं की मदद करते हैं जो अपनी मदद खुद करने के लिए तत्पर रहते हैं। मैं यथासंभव सहयोग करने के लिए तत्पर हूॅ।
मेरी जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा है कि वे अपने क्षेत्र के जनहित कार्यों की मॉनिटरिंग स्वयं करें और जनता को जनहिताय सकारात्मक परिणाम दिलाने में अपना पूर्ण सहयोग व समर्पण करें, क्योंकि भविष्य में भी आपकी शासन सत्ता का मार्ग डाउन लाइन यानी जनता ही प्रशस्त करेगी। मेरी सम्माननीय एडवोकेट मित्रों से प्रार्थनीय अपेक्षा है कि वे पूरी ईमानदारी और लगन के साथ जनहित में कुछ मुकदमों की पैरवी निशुल्क करें।


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