मौसम की बेरुखी से बढ़ा सूखे का खतरा दगा दे गया सावन तो बर्बाद हो जाएंगे अन्नदाता
प्रयागराज। देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है देश के कई हिस्सों में बाढ़ से किसानों के हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो गई हैं अगर वही बात की जाए जनपद के तहसील बारा क्षेत्र में बारिश नहीं होने के चलते धान की खेती प्रभावित हो रही है। सावन का महीना चंद दिन ही शेष बचा है ऐसे में बारिश की आस ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। धान की सूखी फसल व सूखे खेतों को देखकर किसानों की आंखों से बरबस आंसू छलक रहे हैं। बता दें कि पठारी क्षेत्र शंकरगढ़ के शिवराजपुर, बेनीपुर, लखनपुर, गाढ़ा कटरा,आम गोंदर, बघला, भोंड़ी, लोहगरा, भगदेवा, झंझरा, नारीबारी, सतपुरा, लोहरा आदि कई गांव भयानक सूखे की चपेट में है। बेहाल किसानों ने सर्वेक्षण करवा कर सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग किया है। शुरुआत की बारिश के बाद निजी संसाधन से क्षेत्र के किसानों ने किसी तरह महंगी बीज खरीद कर धान की बुवाई कर धान की नर्सरी तैयार कर रोपाई कर दिया था। बरसात ना होने और बाघला पंप नहर का टेल पड़ने के कारण रोस्टर तक नहर भी ना चलने से जहां अभी सैकड़ों एकड़ भूमि बिना रोपाई के परती पड़ी है वही रोपी गई धान की फसल पानी के बगैर खेतों में सूखती जा रही है। किसानों ने पूरी क्षमता से बाघला पंप नहर टेल तक चलवाने की मांग किया है।
क्या कहते हैं क्षेत्रीय किसान
क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि बारिश एकदम नहीं हो रही है बिल्कुल सूखा की स्थिति हो गई है ऐसे में गृहस्थी की गाड़ी कैसे चलेगी, कैसे होगी बच्चों की पढ़ाई, दवाई, शादी समारोह व अन्य खर्चों की व्यवस्था। हम लोग पूरी तरह से खेती पर ही निर्भर है धान की पैदावार अच्छी होती है तो जीवन यापन जैसे तैसे हो जाता है अगर बारिश नहीं हुई तो फसल पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा भुखमरी जैसी स्थिति हो जाएगी।

2008 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 2008 से 2019 तक सर्वोदय वार्ता, सर्वोदय वार्ता मैगजीन में। 2020 से 2021 तक इंडियन लाइव टीवी में । 2021 से 2023 तक दैनिक समाचार पत्र पूर्वांचल स्वर प्रयागराज में। 2023 से 2024 तक दैनिक समाचार पत्र लक्ष्मण नगर जंक्शन में। 2024 से अब तक लगातार दैनिक समाचार पत्र लक्ष्य सामग्र में। 2021 से अब तक आवाज आपकी न्यूज़ पोर्टल में पत्रकार हैं।