आक्रोशित लोगों ने 3 घंटे हाईवे किया जाम, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, 24 घंटे में आरोपी को पकड़ने का दिया अल्टीमेटम
गनोड़ा। पालोदा कस्बे में एक 12 साल की मासूम की गला रेत कर निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। बच्ची 12 साल की है तथा कक्षा चौथी में पालोदा के ही निजी विद्यालय में पढ़ती है।दरअसल सुबह 5:00 बजे पालोदा निवासी लालजी पाटीदार अपनी मां नवल देवी तथा पत्नी जमना तथा बड़ी बेटी कृष्णा एवं छोटी बेटी याशिका के साथ खेत पर गेहूं कटाई के लिए गए थे। 7:00 बजे लालजी तथा उसकी पत्नी वापस घर पर भी आए थे तथा घर पर पोहे का नाश्ता बनाकर अपनी छोटी बेटी जाह्नवी को घर में साफ सफाई व पोछा लगाने का कहकर वापस खेत पर चले गए। उनका एक 5 वर्ष का छोटा बेटा सर्वेश भी घर पर था लेकिन जब नाश्ता बनाने वापस आए थे तब उसे भी लालजी तथा जमना अपने साथ खेत पर ले गए। लगभग 2 घंटे के बाद वापस जब सभी लोग घर पर आए तब घर पर साफ सफाई नहीं देखकर उसकी मां जाह्नवी को आवाज लगाने लगी। जाह्नवी की मां जब जाह्नवी को ढूंढते हुए किचन में पहुंची तब उसके होश उड़ गए क्योंकि किचन में खून से सनी जानवी की लाश पड़ी हुई थी। एक बार तो जमना लालजी तथा उसके बच्चों को कुछ समझ में नहीं आया लेकिन जैसे ही उन्होंने किचन के अंदर का मंजर देखा तब सभी घबरा गए तथा जोर-जोर से चिल्लाने लगे। जैसे-जैसे गांव में बात पता चली तब बड़ी संख्या में पूरे गांव के ग्रामीण एकत्रित हो गए तथा घटना को लेकर आक्रोश जताने लगे।
चार थानों की पुलिस एवं आला अधिकारी पहुंचे मौके पर
12 साल की मासूम जाह्नवी की हत्या की जानकारी जैसे ही पुलिस को पहुंची सबसे पहले लोहारिया थाना अधिकारी शिशुपाल सिंह मौके पर पहुंचे। इसके बाद डिप्टी सुदर्शन पालीवाल गढ़ी थाना अधिकारी रोहित कुमार, मोटा गांव थाना अधिकारी राम सिंह, सीआई कपिल पाटीदार, थाना अधिकारी सल्लोपाट नागेंद्र सिंह तथा अन्य थानों की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर मौका मुआयना किया तथा घर के पीछे की ओर खेतों में तलाश भी की लेकिन पुलिस के हाथ कुछ जानकारी नहीं लगी। इसके बाद एफएसएल की टीम को मौके पर बुलानी पड़ी। एफएसएल की टीम जब सेंपल लेकर वापस जा रही थी तब बस स्टैंड पर युवाओं की भीड़ ने टीम की एंबुलेंस रोक ली तथा काफी समझइशा के बाद एंबुलेंस को बांसवाड़ा जाने दिया गया।
हत्या क्यों की यह जांच का विषय, मोबाइल मिला गायब
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि 12 साल की मासूम की हत्या आखिर किसने की। घर में वह अकेली थी तथा उसकी बड़ी बहन ने बताया कि उसकी कान की बालियां एवं नाक में पहना जेवर गायब मिला तथा घर में रखे अन्य जेवरात व पैसे घर में ही थे।ऐसे में कोई चोर यदि चोरी के इरादे से आता और हत्या करता तो पूरा पैसा एवं जेवरात लेकर भाग जाता मगर घर में सब सही सलामत पाए गए। ऐसे में पुलिस के लिए भी यह जांच का विषय रहेगा कि आखिर छोटी बच्ची की हत्या जिसने भी कि उसका हत्या करने के पीछे क्या कारण रहा होगा। पुलिस अब इन सब एंगल पर काम करेंगी। इसके अलावा घर वालों ने बताया कि घर पर एक मोबाइल था जो घर में नहीं मिला तथा उसकी अंतिम लोकेशन घर के पीछे की ओर बताई गई।इसी कारण पुलिस ने घर के पीछे खेतों में छानबीन की लेकिन कहीं पर भी मोबाइल नहीं मिला। मोबाइल को ट्रेस किया गया तथा आसपास की लोकेशन भी देखी गई। पुलिस अपना काम कर रही थी लेकिन लोगों का आक्रोश बढ़ता गया तथा देर शाम डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर पहुंची तथा डॉग ने भी घर के पीछे की ओर तलाशी ली लेकिन कुछ भी पुख्ता साक्ष्य प्राप्त नहीं हुए।
आक्रोशित भीड़ ने 3 घंटे तक हाईवे किया जाम
छोटी मासूम 12 साल की जाह्नवी की निर्मम हत्या के बाद पूरे गांव के ग्रामीण काफी गुस्से में आ गए तथा पुलिस की कार्रवाई से नाराज होकर गांव के ग्रामीणों ने बस स्टैंड पर हाईवे जाम कर दिया बस स्टैंड पर टायर जलाए गए तथा कुछ वहां भी सड़क के बीचो-बीच खड़े कर दिए गए बड़ी संख्या में गांव की बेटियां एवं महिलाएं सड़कों पर उतर आए तथा जबरदस्त प्रदर्शन किया गया पुलिस को समझाइए करने में 3 घंटे लगे लेकिन भीड़ नहीं मानी तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। भीड़ में खासकर बेटियों एवं महिलाओं में घटना को लेकर काफी आक्रोश देखा गया तथा जाह्नवी को न्याय दो व पुलिस प्रशासन हाय हाय के नारे लगाते हुए 24 घंटे में आरोपी को पकड़ने की मांग की। पुलिस जब भीड़ को हटा रही थी तब गढ़ी थानाधिकारी रोहित कुमार लोगों को घरों के अंदर जाने के लिए कह रहे थे तभी एक छोटे बच्चों को भी सिर पर चोट लग गई जिसके बाद परिजनों ने पुलिस के खिलाफ विरोध जताया।
बड़ी मुश्किल से परिजन पोस्टमार्टम के लिए माने
सुबह हुई इस घटना से लेकर शाम 5:00 बजे तक घटना को लेकर गहमा गहमी बनी रही। बस स्टैंड पर उग्र प्रदर्शन के बाद जब पुलिस के द्वारा परिजनों से समझाइश कर शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जा रहा था तब भी गांव के ग्रामीण एवं महिलाओं के द्वारा जोरदार विरोध किया गया तथा पिकअप के आगे खड़े रहकर रास्ता जाम कर दिया। पुलिस के द्वारा फिर से समझाइश की गई तथा ग्रामीण से कहा गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हत्या का खुलासा होना संभव है इसलिए ग्रामीण पुलिस की मदद करें ताकि जल्द खुलासा हो सके। इसके बाद पिकअप को बांसवाड़ा के लिए जाने दिया गया।