कुशलगढ़ के इतिहास में पहली बार राउमावि कुशलगढ़ के माध्यमिक ,उच्च माध्यमिक परीक्षा केंद्र को एक आदर्श परीक्षा केंद्र का रूप दिया गया। केन्द्राध्यक्ष भीमजी सुरावत बताते हैं कि जिस तरह से चुनाव के समय आदर्श बूत का निर्माण किया जाता है उसी तर्ज पर परीक्षार्थियों कि स्ट्रेस दूर करने के लिए एक शानदार आकर्षक प्रसन्नचित्त करने वाला सेंटर होना चाहिए ,जिसमें प्रवेश करते ही बच्चों का परीक्षा भय खत्म हो जाए। बच्चे फ्री होकर एग्जाम देवे उसको ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्र पर इस तरह की सजावट, टेंट की व्यवस्था की गई है ।यह कुशलगढ़ के इतिहास में परीक्षा केंद्र पर इस तरह की सजावट करना पहला मौका है। बच्चों को परीक्षा नियमावली बताते हुए सभी को तिलक लगाकर शुभकामनाएं दी । इस अवसर पर अतिरिक्त केंद्राध्यक्ष लाल सिंह मईडा ने सभी बच्चों को स्ट्रेस फ्री होकर एग्जाम देने के लिए कहा,आप ने साल भर जो तैयारी करी है उसी में से प्रश्न आपकी परीक्षा में आएंगे। बस आपको ध्यान से उन सभी प्रश्नों के उत्तर लिखने हैं ।उत्तर लिखने का शानदार तरीका-प्रेजेंटेशन ही हर विद्यार्थी के मस्तिष्क का मुर्त रूप होता है। और परीक्षक के लिए आपकी लिखावट ही आपका मुर्त रूप-आईना होता है । आपके लिखावट के आधार पर ही परीक्षक अनुमान लगाता है कि बच्चा किस लेवल का है, किस मेंटेंलिटी का है । इसलिए सभी प्रश्नों के उत्तर बहुत सोच समझकर इंप्रेसिव तरीके से उतर दिये जावे। सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा में अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण होने के लिए शुभकामनाएं दी। तत्पश्चात सभी परीक्षार्थियों को नियमानुसार अपने-अपने परीक्षा कक्षो मैं अलग-अलग स्कूल के बच्चों की मिश्रित रोल नंबर सिरिंज के अनुसार बिठाया गया। परीक्षा केंद्र पर करीब 350 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इस अवसर पर परीक्षा प्रभारी सुभाष चंद्र गरासिया, अजय निगम एवं सभी वीक्षक उपस्थित रहे।