राज्यपाल ने संगम विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत


वर्तमान समय में बौद्धिक क्षमता व गुणवत्ता युक्त शिक्षा की अहम भूमिका: राज्यपाल बागड़े

समारोह में 30 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक व 31 शोधार्थियों को उपाधियां की प्रदान

भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। वर्तमान समय में बौद्धिक क्षमता व गुणवत्ता युक्त शिक्षा की अहम भूमिका है। इससे मानवीय व्यवहार व आचरण को बेहतर बनाने में अमूल्य साबित होगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के केंद्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में उत्कृष्टता के मानक स्थापित करें। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े शुक्रवार को भीलवाड़ा स्थित संगम विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। बागड़े ने कहा कि ज्ञान, कौशल एवं चरित्र ये तीनों तत्व किसी भी राष्ट्र की प्रगति के आधार स्तंभ हैं। युवा शक्ति को इन मूल्यों के साथ आगे बढ़ते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने सभी को छत्रपति शिवाजी राव के जीवन मूल्यों पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में देश ने आत्मनिर्भर बनने के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। देश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, वर्तमान में बड़े सैन्य उपकरण, भारी मशीनरी इत्यादि का निर्माण देश में ही हो रहा है। राज्यपाल बागड़े ने समारोह में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के 30 स्नातक, स्नातकोत्तर व डिप्लोमा के विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं 31 शोधार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल बागड़े ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह शैक्षणिक उपलब्धि का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो विद्यार्थियों को जीवन के नए अध्याय में प्रवेश का अवसर प्रदान करता है। आईआईएम इंदौर के प्रोफेसर पीके सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में भाषाई दक्षता को मजबूत करना आवश्यक है। वर्तमान युग में तकनीक तीव्र गति से बदल रही है। उन्होंने सभी को तकनीकी विकास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। चेयरमैन रामपाल सोनी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान की जा रही है। विश्वविद्यालय का ध्येय है कि हर विद्यार्थी को व्यवहारिक ज्ञान व नवाचार के अवसर प्राप्त हो। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को छात्रवृति प्रदान की जाती है। कुलगुरु करुणेश सक्सेना ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर शैक्षणिक शोभायात्रा निकाली गई साथ ही शुभारम्भ के अवसर पर दीप प्रज्ज्वलन व राष्ट्रगान का गायन हुआ। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स द्वारा राज्यपाल बागड़े को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कुलसचिव आलोक कुमार ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इससे पूर्व जिला पुलिस लाईन स्थित हेलीपैड पहुंचने पर जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू व पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियो ने बुके देकर व उपरणा ओढ़ाकर राज्यपाल बागडे का स्वागत अभिनंदन किया। दीक्षांत समारोह में पूर्व सांसद सुभाष बहेडिया, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि प्रशांत मेवाड़ा, विश्वविद्यालय के बोर्ड सदस्यगण, प्राध्यापकगण, अभिभावक एवं विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


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