शौर्य, संस्कृति और परंपरा का संगम; अरिहंत विद्यालय में भव्य राजस्थान दिवस उत्सव


गंगापुर सिटी।पंकज शर्मा। अरिहंत उच्च माध्यमिक विद्या मंदिर ,मुख्य डाकघर के पीछे, गंगापुर सिटी में राजस्थान दिवस अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर देशभक्ति एवं सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया, जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी ने अपनी वेशभूषा, प्रस्तुति एवं सहभागिता के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध परंपरा को जीवंत कर दिया।

इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों ने पारंपरिक राजस्थानी पोशाक धारण कर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत किए गए राजस्थानी लोकनृत्य, लोकगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी दर्शकों का मन मोह लिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से राजस्थान की वीरता, त्याग, बलिदान एवं लोकजीवन की झलक प्रभावी रूप से सामने आई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री जगदीश प्रसाद जैन ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में राजस्थान की गौरवशाली शौर्य परंपरा, ऐतिहासिक विरासत एवं सांस्कृतिक समृद्धि पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को अपने मूल्यों एवं परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं स्टाफ को राजस्थान दिवस, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, हिंदू नववर्ष एवं विक्रम संवत 2083 की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

अध्यापक सारांश जैन ने राजस्थानी भाषा में अपने संबोधन के माध्यम से विद्यार्थियों में उत्साह का संचार किया। उन्होंने राजस्थान की वीर भूमि, गौरवशाली इतिहास एवं शौर्य गाथाओं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति पर गर्व करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने सभी को राजस्थान दिवस एवं नववर्ष की मंगलकामनाएं देते हुए चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मां दुर्गा से समस्त जनों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सफलता की कामना की।

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कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर रवि कुमार बेरवा, योगिता माली, प्रियंका माली, भानू सोनी, योगेश गुप्ता सहित अन्य समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

समापन अवसर पर सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मिलकर राजस्थान की सभ्यता, संस्कृति एवं शौर्य परंपरा को आत्मसात करने का संकल्प लिया तथा राजस्थान दिवस एवं नववर्ष को अत्यंत हर्षोल्लास एवं उमंग के साथ मनाया। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उन्हें अपनी जड़ों से जुड़ने एवं अपनी संस्कृति पर गर्व करने की प्रेरणा भी प्रदान करता है।


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