मानव जीवन मिलता मुश्किल से सुंदर इसे बनाओ


जिला साहित्यकार परिषद् की गोष्ठी सम्पन्न, विभिन्न विषयो पर रचनाये की प्रस्तुत

भीलवाड़ा।जिला साहित्यकार परिषद् द्वारा काव्य गोष्ठी स्थानीय सिन्धुनगर स्थित हेमू कालानी सिन्धी शिक्षण संस्था भवन में आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता दयाराम मेठानी ने की एवं संचालन राधेश्याम शर्मा ने किया। गोष्ठी में विभिन्न विषयांे पर रचनायंे प्रस्तुत की गई। काव्य गोष्ठी सरस्वती वंदना से आरंभ हुई। गोष्ठी में काव्यपाठ करते हुए गायत्री सरगम ने गीत प्रस्तुत करते हुए कहा ‘‘जीने के लिए जानम तेरा प्यार जरूरी है’’, बृजसुंदर सोनी ने ‘‘हाथों की लकीरें भी मुस्कुराती है’’, श्रीमती शशि ओझा ने ‘‘मानव जीवन मिलता मुश्किल से सुंदर इसे बनाओ’’, प्रेम सोनी ने ‘‘सूरज जैसा बनना है तो उस जैसा तपना सीखो’’, दिनेश दीवाना ने ‘‘आपकी अवहेलना कैसे सहूं मैं’’, देवीलाल दुलारा ने ‘‘बढ़ापे ने अपना रंग दिखाया है, चलने फिरने में लाचार बनाया है’’, राधेश्याम शर्मा ने ‘‘राम लल्ला का मन्दिर खूब बनाया है, देख इसे मन हर्षाया है’’, दयाराम मेठानी ने ‘‘अपनी असफलता पर घबराने से क्या होगा’’, सुनाकर तालियां बटोरी। काव्य गोष्ठी में ओम उज्ज्वल, राम बिलास नागर, हीरो वाधवानी, रतन कुमार चटुल, दिव्या ओबेराय, कृष्णा बाहेती, नरेन्द्र कुमार वर्मा, श्याम सुंदर तिवारी, बंशीलाल पारस एवं मनोहरलाल कुमावत ने अपनी प्रस्तुति से वाहवाही लूटी। अंत में अध्यक्ष द्वारा सभी उपस्थित कवियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।


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