साकार हरि बाबा के सत्संग में मची भगदड़ सैकड़ों की मौत


प्रशासन ने आयोजको पर एफआईआर के साथ कड़ी कार्यवाही किया शुरू

हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ कस्बे के फुलरई गांव में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां साकार हरि बाबा का सत्संग का वृहद आयोजन चल रहा था।सत्संग समाप्त होने के बाद यहां से जैसे भी भीड़ निकलना शुरू हुई तो भगदड़ मच गई। भगदड़ में अब तक 125 लोगों की मौत की खबर है, जबकि अनेक घायल हैं।एटा अस्पताल में कोहराम मचा हुआ हैं। मरने वालों में पुरुष महिला एवम बच्चें सभी शामिल हैं। शवों की पहचान की जा रही हैं।लोकसभा में पीएम मोदी जी का उद्बोधन चल रहा था, तभी इस दुखद समाचार मिलने पर पीएम मोदी ने दुःख व्यक्त किया।उन्होंने पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।एडीजी आगरा अनुपम कुलश्रेष्ठ के अनुसार इस हादसे में अब तक 125 लोगों की मौत हो चुकी है। यूपी सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख तथा घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता देने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कार्यक्रम आयोजकों के विरुद्ध आपराधिक एफआईआर होगी।आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, घटना के कारणों की जांच के लिए एडीजी आगरा और अलीगढ़ कमिश्नर की एक टीम गठित की गई है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों के युद्ध स्तर पर संचालन और घायलों के समुचित उपचार हेतु निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, संदीप सिंह घटना स्थल के लिए रवाना हो चुके हैं तथा प्रदेश के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को घटना स्थल पर पहुंचने हेतु निर्देशित किया है।जनपद हाथरस में हुई दुर्घटना के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा घटना की स्थिति पर दृष्टि बनाते हुए आम लोगों की सहायता हेतु हेल्पलाईन 05722227041 तथा 05722227042 जारी किये गये हैं।

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कौन है साकार हरि बाबा
हरि बाबा सूट-बूट में रहता है। तीन राज्यों में बड़ी संख्या में हैं इनके अनुयायी है।हरि बाबा उर्फ भोले बाबा का असली नाम सूरज पाल है। करीब 17 साल पहले पुलिस कांस्टेबल की नौकरी छोड़कर सत्संग करने लगे। नौकरी छोड़ने के बाद सूरज पाल नाम बदलकर साकार हरि बन गया।बाबा के बारे में कुछ लोग कहते हैं कि ये यूपी पुलिस में दरोगा हुआ करते थे। कुछ इन्हें आईबी से जुड़ा भी बताते हैं। इसीलिए बताया जाता है कि बाबा पुलिस के तौर-तरीकों से परिचत हैं। वर्दी धारी स्वयंसेकों की लंबी-चौड़ी फौज खड़ी करने में यह काफी मददगार साबित हुआ। बाबा आम साधु-संतों की तरह गेरुआ वस्त्र नहीं पहनता।हरि बाबा बहुधा महंगे गॉगल, सफेद पैंट शर्ट पहनता है। अपने प्रवचनों में बाबा पाखंड का विरोध भी करते हैं। चूंकि बाबा के शिष्यों में बड़ी संख्या में समाज के हाशिए वाले, गरीब, दलित, दबे-कुचले लोग शामिल हैं। उन्हें बाबा का पहनावा और यह रूप बड़ा लुभाता है।अनुयायी उसे भोले बाबा कहते हैं। कहा जाता है कि गरीब और वंचित तबके के लोगों के बीच में इनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। कुछ समय में लाखों की संख्या में अनुयायियों बन गए। उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान में अनुयायी फैले हैं।
मानव सेवा का देता है संदेश
साकार हरि बाबा अपने सत्संग में मानव सेवा का संदेश देता है। सत्संग में लोगों से बाबा कहता है कि मानव की सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। सबसे बड़ी शिक्षा है। सत्संग में आने वाले लोगों से कहता है यहां रोग मिट जाते हैं, मन शुद्ध होता है, यहां पर कोई भेदभाव नहीं कोई दान नहीं कोई पाखंड नहीं यही सर्व समभाव है यहीं ब्रह्मलोक है, यहीं स्वर्ग लोक है।बाबा के सत्संगों में बड़ी संख्या में जुटते हैं। बाबा के शिष्य अपनी ही मस्ती में रहते हैं। यही वजह है कि मीडिया से भी ये लोग दूरी बरतते हैं। दरअसल, बाबा के सत्संग के तौर-तरीके चूंकि आम संतों से अलग होते हैं लिहाजा ये लोग नहीं चाहते कि इस पर किसी प्रकार की टीका-टिप्पणी हो।


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