लव-कुश वाटिका परियोजना के तहत हटाई गई दुकानों से भड़का आक्रोश, विधायक जितेंद्र गोठवाल सहित प्रशासनिक अधिकारी लेंगे बैठक में हिस्सा
विकास और रोजगार के बीच भूख हड़ताल का तीसरा दिन
चौथ का बरवाड़ा। कस्बे के प्रसिद्ध चौथ माता मंदिर मार्ग स्थित खातोलाव परिसर के दुकानदारों की भूख हड़ताल 52 घंटे से अधिक समय से जारी है। चौथ माता के पुजारी शंकर लाल सैनी के नेतृत्व में 10 दुकानदार गुरुवार सुबह 11 बजे से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण आंदोलन जारी है और क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
35–40 वर्षों से कर रहे थे व्यापार, अचानक हुई कार्रवाई
दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले 35 से 40 वर्षों से खातोलाव परिसर में दुकानें लगाकर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को पूजा सामग्री, प्रसाद, चाय-नाश्ता व अन्य वस्तुएं उपलब्ध कराते रहे हैं। इसी आय से उनके परिवारों का पालन-पोषण होता रहा है।
वन विभाग द्वारा लव-कुश वाटिका परियोजना के तहत पिछले बुधवार और रविवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, जिसके बाद दुकानों को हटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद से ही दुकानदारों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ज्ञापन के बाद शुरू हुआ अनिश्चितकालीन अनशन
कार्रवाई के विरोध में सभी दुकानदार एकजुट हुए और वन मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी जोगेन्द्र सिंह के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी समाधान नहीं निकलने पर गुरुवार सुबह 11 बजे से शंकर लाल सैनी सहित 10 दुकानदार भूख हड़ताल पर बैठ गए।
वन विभाग के डीएफओ सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी पिछले अनशनकारियों को समझाने पहुंचे, लेकिन ठोस आश्वासन के अभाव में वार्ता सफल नहीं हो सकी।
स्वास्थ्य पर बढ़ती चिंता, नियमित जांच जारी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौथ का बरवाड़ा की टीम सुबह-शाम अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। परीक्षण में कुछ अनशनकारियों का रक्तचाप बढ़ा हुआ पाया गया है, जबकि एक-दो में शुगर संबंधी समस्या भी सामने आई है।
अनशनकारियों के परिजनों में स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ रही है, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अडिग हैं।
90 परिवारों की आजीविका का सवाल, अधिकांश एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग से
दुकानदारों का कहना है कि इस कार्रवाई से लगभग 90 से अधिक परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित दुकानदारों में अधिकांश अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े हैं। उनका कहना है कि बिना पुनर्वास की वैकल्पिक व्यवस्था किए दुकानें हटाना अन्यायपूर्ण है।
आज सुबह 10 बजे अहम बैठक, विधायक रहेंगे मौजूद
रविवार सुबह 10 बजे प्रस्तावित बैठक को लेकर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। बैठक में खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल सहित वन विभाग और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि यदि इस बैठक में सकारात्मक निर्णय लिया गया तो आंदोलन समाप्त हो सकता है।
मामला प्रदेश स्तर तक भी पहुंच चुका है। राजस्थान सरकार में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा तक अनशनकारियों की पीड़ा पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने संबंधित विभाग को पत्र लिखकर समाधान की दिशा में पहल करने को कहा है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
अनशनकारी एवं नेतृत्वकर्ता शंकर लाल सैनी ने चेतावनी दी है कि यदि रविवार की बैठक में उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल 10 लोग अनशन पर हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ी तो सभी दुकानदार सामूहिक रूप से भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
अनशन स्थल पर प्रधान संपत पहाड़िया, समाजसेवी कमलेश पहाड़िया, अनिल जैन, आचार्य अवधेश दाधीच, बाबू लाल सैनी मेडिकल सहित कई गणमान्य नागरिक पहुंचकर समर्थन दे रहे हैं। कस्बेवासियों और सामाजिक संगठनों का भी आंदोलन को समर्थन मिल रहा है।
फिलहाल 52 घंटे से अधिक समय से जारी यह भूख हड़ताल प्रशासन के लिए परीक्षा की घड़ी बन चुकी है। अब सभी की नजरें आज होने वाली बैठक पर टिकी हैं कि क्या 90 परिवारों को राहत मिलेगी या आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
2022 से लगातार पत्रकारिता कर रही है, निरीक्षक अखबार, तीसरी आंख की ज्वाला, जन जागरण, हिंदुस्तान से रूबरू, राजस्थान पब्लिक न्यूज़ चैनल, News57 Ggc पब्लिक एप, आवाज आपकी न्यूज़ पोर्टल में स्वतंत्र पत्रकार हैं।