प्रेम,सम्मान और विनम्रता के मूल्यों को स्थापित करने में एनएसएस की महती भूमिका: बनय सिंह


कुशलगढ़, बांसवाड़ा।अरुण जोशी। राजकीय महाविद्यालय कुशलगढ़ में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एन.एस.एस के पूर्व राज्य समन्वयक प्रो. बनय सिंह ने स्वयं सेवकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सेवा, श्रम और देश प्रेम से ओतप्रोत गांधी जी को समर्पित ये योजना केन्द्र सरकार ने उनके जन्म शताब्दी वर्ष 1969 में देश के मात्र 37 विश्विद्यालयों में शुरू की थी, किन्तु आज देश के 657 विश्विद्यालयों और 20669 कॉलेजों में संचालित देश के युवाओं का सबसे बड़ा संगठन है।स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा के माध्यम से युवाओं के व्यक्तित्व और चरित्र का विकास करना इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य है। इसमें हमारा युवा अपनी शारीरिक और मानसिक शक्ति में गुणात्मक सुधार कर व्यक्तित्व विकास की नई संभावनाएं तलाशता है। एन एस एस के राष्ट्रीय एकता शिविर और गणतंत्र दिवस परेड शिविर में भारत के विभिन्न क्षेत्रों के प्रति प्रेम की भावना जागृत कर देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, देश भक्ति,राष्ट्रीय,एकता भाषा,नेतृत्वगुण एवं टीम भावना, भाईचारा और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए प्रेरित करते हैं। विगत एक दशक से राष्ट्रवाद का झूठा आवरण ओढ़कर जिम्मेदार लोग महज राजनीतिक लाभ के लिए देश को जाति और धर्म में बांटकर भय और विभाजन के बीज वपन कर रहे हैं । इन विभाजक कारकों से समाज को सावचेत करना होगा। वर्तमान दौर में देश में नफरत के व्यवसाय का घटाटोप बनाने का जो षड्यंत्र रचा जा रहा है उसके बीच एन एस एस सौहार्द और सद्भाव की मशाल लेकर राष्ट्रीय भावना के गीत गाए। आज समाज में प्रेम, सम्मान और विनम्रता के मूल्य स्थापित करने में एन एस एस की महती भूमिका है। तभी देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता कायम रह सकती है। प्राचार्य महेन्द्र कुमार देपन ने स्वयंसेवकों को अनुशासन व आत्मविश्वास के साथ सात दिवसीय विशेष शिविर में मनोयोग से सीखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम अधिकारी श्री प्रविंद्र कुमार यादव ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सहायक आचार्य कविता , भावना उपाध्याय , दिलीप मईडा ,दिलीप वसुनिया उपस्थित रहे। संचालन एवं आभार व्यक्त नरेन्द्र कुमार ने किया।


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