गुजरात के गिरोह ने रची थी खौफनाक साजिश, डॉक्टर की सतर्कता से हुआ सनसनीखेज खुलास
भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में बीमा राशि हड़पने के लिए एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। मांडल उप जिला चिकित्सालय में एक युवक के शव को देखकर डॉक्टरों को शक हुआ, जिसके बाद पुलिस की जांच में जो सच्चाई सामने आई उसने सबको चौंका दिया।
क्या है पूरा मामला? अहमदाबाद (गुजरात) निवासी 36 वर्षीय दीपक, जिसकी किडनी खराब थी, की मौत को एक गिरोह ने ‘हादसे’ में बदलने की कोशिश की। आरोप है कि गिरोह ने दीपक के नाम पर 83 लाख रुपये का बीमा करवा रखा था। दीपक की प्राकृतिक मौत होने के बाद, उसे दुर्घटना साबित करने के लिए आरोपियों ने उसके शव को करंट लगाया।
डॉक्टर की सूझबूझ से पकड़ा गया गिरोह मांडल अस्पताल के डॉ. रोहित सहरावत को शव देखते ही शक हो गया। उन्होंने पाया कि करंट के निशान कृत्रिम थे और शरीर पर ईसीजी इलेक्ट्रोड के निशान भी थे। डॉक्टर की सूचना पर गांधीनगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गंगरार टोल नाके से चार आरोपियों (विशाल, सूरज, अर्जुन और भरत भाई) को हिरासत में लिया है।
गरीबों और बीमारों को बनाते थे निशाना जांच में पता चला है कि यह गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर और शराब के आदी लोगों को निशाना बनाता था। उनके नाम पर भारी-भरकम बीमा करवाकर गिरोह खुद प्रीमियम भरता था और मौत के बाद क्लेम हड़पने के लिए हत्या या हादसे का रूप देता था। मृतक के बेटे ने दावा किया है कि उनके गांव में करीब 71 लोगों का इसी तरह बीमा कराया गया है।
