फ्यूल सरचार्ज के विरोध में व्यापारियों ने उपखंड अधिकारी कार्यालय पर दिया धरना व सौंपा ज्ञापन
बयाना, 20 जुलाई। डिस्कॉम द्वारा उद्योगों और व्यापारिक संस्थानों के बिजली बिलों में लगाए जा रहे फ्यूल सरचार्ज के खिलाफ व्यापारियों ने बिगुल छेड़ दिया है। देश के प्रमुख व्यापारिक संगठन लघु उद्योग भारती की बयाना इकाई की ओर से फ्यूल सरचार्ज के विरोध में गुरुवार दोपहर एसडीएम कार्यालय पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया। इसके बाद व्यापारियों ने मुख्यमंत्री ऊर्जा मंत्री और उद्योग मंत्री के नाम एसडीएम अमीलाल यादव को ज्ञापन भी सौंपा। धरने पर बैठे व्यापारियों ने बताया कि राजस्थान में उद्योगों और व्यवसायिक संस्थानों को देश भर में सबसे अधिक दरों पर महंगी बिजली दी जा रही है। इस कारण उद्योगपति नए उद्योगों में निवेश करने से कतराते हैं। व्यापारियों ने बताया कि अब कोयला खरीद की अव्यवस्था और लापरवाही को भी विशेष फ्यूल सरचार्ज के नाम से उद्योगों के माथे मढ़ा जा रहा है। फ्यूल सरचार्ज और स्पेशल फ्यूल सरचार्ज से उद्योगों के विद्युत बिलों की राशि दुगनी हो गई है। इससे उद्योग व्यापार जगत को भारी नुकसान हो रहा है हाल यह है कि विद्युत अधिनियम के नियमों के विपरीत वर्ष 2022-23 के बिजली उपभोग पर अब स्पेशल फ्यूल सरचार्ज वसूला जा रहा है। जबकि इन बिजली बिलों का व्यापारी पूर्व में ही भुगतान कर चुके हैं। फ्यूल सरचार्ज के नाम पर व्यापारियों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुछ क्षेत्रों को दी जा रही सस्ती बिजली और निशुल्क बिजली की भरपाई सरकार उद्योगों से अधिक दर पर बिजली आपूर्ति कर वसूली करना चाहती है। व्यापारियों ने ज्ञापन में फ्यूल सरचार्ज के नाम पर व्यापारियों के शोषण तुरंत बंद किए जाने और फ्यूल सरचार्ज के नाम पर उद्योगों से ली गई राशि को रिफंड करने या अगले बिलों में समायोजन करने की मांग की है। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के संरक्षक चंद्रप्रकाश व्यास, अध्यक्ष नितिन सिंघल, सचिव केतन बंसल, कोषाध्यक्ष प्रमोद जैन, व्यापार महासंघ अध्यक्ष विनोद सिंघल, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र कंसाना, प्रशांत अग्रवाल, मदन मोहन बंसल, कैलाश बंसल, कुलदीप गुर्जर, महेंद्र गोयल, रोहित अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, रामबाबू धाकड़, ओमप्रकाश लहचोरा, केशव सिंह रावत आदि कई लोग मौजूद रहे।