जारी बाजार से खूझी तक 7.300 किमी सड़क में 2.150 किमी पर बड़ा हिस्सा धंसा, ग्रामीणों ने सुरक्षा और मरम्मत की मांग की।
प्रयागराज। राजदेव द्विवेदी। जारी-खूझी रोड पर धंसी सड़क से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जारी बाजार से खूझी ग्राम सभा तक बनाई गई करीब 7.300 किलोमीटर लंबी सड़क पर जारी बाजार से लगभग 2.150 किलोमीटर आगे सड़क का बड़ा हिस्सा कटकर गहरी खाई की ओर धंस गया है। सड़क का करीब आधा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने से बढ़ा खतरा
स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है। सड़क किनारे का हिस्सा कटकर नीचे की ओर धंस गया है, जिससे मार्ग की चौड़ाई काफी कम हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार दिन के समय वाहन चालक किसी तरह इस स्थान से सावधानीपूर्वक निकल जाते हैं, लेकिन रात के समय यहां खतरा और बढ़ जाता है। अंधेरे में बाहर से आने वाले वाहन चालकों को सड़क के धंसे हुए हिस्से का अंदाजा नहीं होने पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
रात में वाहन चालकों के लिए ज्यादा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का यह हिस्सा बाइक, ऑटो, कार या स्कूली वाहन जैसे किसी भी वाहन के लिए खतरा बन सकता है। यदि समय रहते क्षतिग्रस्त हिस्से को सुरक्षित नहीं किया गया तो गंभीर हादसा होने की आशंका बनी रहेगी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करे और तत्काल सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं।
सड़क की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
सड़क के निर्माण के बाद इतनी जल्दी बड़े हिस्से के धंसने को लेकर ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति की जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि इसके क्षतिग्रस्त होने की वजह क्या है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क निर्माण और वर्तमान स्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि सड़क के धंसने के वास्तविक कारण की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
बैरिकेडिंग और स्थायी मरम्मत की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और पीडब्ल्यूडी से तत्काल मौके पर पहुंचने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सड़क की स्थायी मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक दुर्घटना की आशंका वाले स्थान पर बैरिकेडिंग या अन्य सुरक्षा व्यवस्था की जानी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही सड़क को सुरक्षित किया जाना जरूरी है। उन्होंने क्षतिग्रस्त हिस्से की गुणवत्तापूर्ण और स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है।
हादसे से पहले कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग आसपास के लोगों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में सड़क के धंसे हुए हिस्से को नजरअंदाज करना लोगों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
अब देखना यह है कि संबंधित विभाग सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर कितनी जल्दी सुरक्षा व्यवस्था और मरम्मत की कार्रवाई करता है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे किसी हादसे का इंतजार नहीं करना चाहते और दुर्घटना से पहले सड़क को सुरक्षित कराने की मांग कर रहे हैं।
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Prayagraj, Ouuta Pradesh
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