कृष्ण सुदामा मित्रता का किया बखान भाई दूज का महत्व बताया


 गंगापुर सिटी विजय पैलेस में चल रही श्रीमद् भागवत कथा की सप्तम दिवस रविवार को भागवताचार्य परम पूज्य गोविंद भैया द्वारा अकरूर जी कथा प्रसंग सत्राजीत, समरा सुर प्रसंग भौमासुर वध की कथा कृष्ण सुदामा चरित्र का वर्णन किया आचार्य ने कहा कि भगवान कृष्ण के तीन विवाह हुए रुक्मणी जामवंती और सत्यभामा सतराजीत की पुत्री सत्यभामा से विवाह हुआ जामवंत से 18 दिन मल युद्ध किया जामवंत जी को लगा कि यह तो साक्षात भगवान है जामवंत को भगवान राम से युद्ध की इच्छा पूर्ति के लिए भगवान कृष्ण ने मल युद्ध किया जामवंत ने भगवान कृष्ण से अपनी बेटी जामवंती का विवाह किया इसी प्रकार भौमासुर राक्षस वध करके उसकी कैद में 16100 कन्याओं को कैद छुड़ाया सभी कन्याओं का मन जान कर उनसे विवाह किया आचार्य द्वारा भाई दूज की कथा सुनाते हुए कहा कि कालंदी यमुना से विवाह किया जो सूर्य पुत्री एवं यमराज की बहन थी कथा में भाई बहन का भाई दूज का महत्व बताते हुए कहा कि यमुना अपने भाई यमराज से कहा कि कभी घर आया करो तब यमराज एक बार दुज पर यमुना जी से मिलने घर गए तब जमुना जी ने अपने भाई यमराज को भोजन कर कर तिलक किया और हाथ में धागा बांधा कब यमराज ने कहा कि बहन मांगो क्या मांगती हो बहन ने कहा कि इस दिन को यादगार बना दो भैया तब भैया ने कहा कि जो कोई भाई दूज के दिन यमुना नदी में भाई बहन का हाथ पकड़कर कर स्नान करेगा उसके सारे पाप धुल जाएंगे कृष्ण सुदामा चित्रण की सजीव झांकी सजाकर भजन और संगीत के माध्यम से कृष्ण सुदामा की मित्रता का वर्णन किया किस प्रकार सुदामा घर से तीन मुट्ठी चावल लेकर भगवान कृष्ण से मिलने पहुंचे भगवान कृष्ण ने दो मुट्ठी चावल खाए तब रुक्मणी बोली कि हमारे लिए भी तो छोड़ दे भगवान महाप्रसाद को इस दृश्य को देखकर कथा पंडाल में सभी दर्शनार्थी भाव विभोर हो गए और भजनों पर झूमने लगे कृष्ण सुदामा के चित्रण पर श्रद्धालुओं ने अक्षत और दान दक्षिणाएं भेंट की श्रीमद् भागवत कथा में यदुवंशियों के आपस में लड़ने की कथा सुनाई भगवान कृष्ण अपने धाम को किस प्रकार गए उसका वर्णन किया शुकदेव पूजन व्यास पूजन के साथ कथा का समापन हुआ आज सोमवार को पूर्णाहुति हवन यज्ञ के साथ भंडारा आयोजित होगा

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