भूमाफियाओ द्वारा सरकारी प्रोटेक्शन बांध पर अतिक्रमण कर किया जा रहा है बेचान


कामां/डीग जहां कामां में लोग ऑनलाइन ठगी से परेशान व भयभीत है वही दूसरी तरफ कुछ भूमाफियाओं द्वारा सरकारी प्रोटेक्सन बांध की जमीन को भी अपनी दौलत की भूख के आगे नहीं बक्शा जा रहा है ऐसा ही वाकया कामां के एक बांध का सामने आया है जिस पर कुछ भूमाफियाओं द्वारा अतिक्रमण कर उस बांध की जमीन को तहसील दार से मिली भगत कर बेचा जा रहा है जिसकी सूचना कुछ लोगों के द्वारा पूर्व मे लिखित रूप में तसीलदार कामां को दी गई जिसमे उन्होंने बताया गया कि योगेश कुमार पुत्र श्याम सिंह जाट,राजेश नक्शा नवीश व महिपाल लोधा पुत्र परसादी लोधा द्वारा सरकारी बांध को हड़पने के इरादे से खसरा नंबर 2098 का 4732 /19 359 हिस्सा ओमवीर से 06/06/2022 को खरीदा किया था जिसे इन लोगो ने योजना बद्ध तरीके से योगेश के नाम करवाया फिर षड्यंत्र पूर्वक दिनांक: 27/03/2024को सरकारी बांध की जमीन का नक्शा लगाकर राजेश कुमार ने योगेश कुमार से अपने नाम बयनामा करा लिया और उसके बाद 18/07/2024को इन लोगो ने सरकारी बांध की जमीन का नक्शा बनाकर करन सिंह पुत्र हरिकिशन गुर्जर को जरिए बयनामा करा दिया सभी नक्शे राजेश कुमार नक्शा नवीश द्वारा बनाए गए हैं इसी प्रकार तीसरा बयनामा राधा पत्नी रविकुमार सैनी के नाम से तहरीर कराकर पेश करवाया उक्त बयनामो की शिकायत दिनांक 06/09/2024 को प्रार्थीगणों द्वारा की गई उक्त प्रकरण की तहसीलदार द्वारा मौके की जांच रिपोर्ट हल्का पटवारी से तलब की गई और बयानामो को तुरंत प्रभाव से रोक दिया गया और षड्यंत्र के इस योजना बद्ध तरीके में चौथा बयनामा इन लोगो ने महिपाल लोधा के नाम तहरीर कराकर मय नक्शा पेश किया जिस पर कार्यालय रिपोर्ट करा ली गई और बयनामा में खसरा नंबर 2098 की जगह बताकर सरकारी। जमीन को हड़प रहे है जबकि एक अन्य बय नामा में योगेश कुमार ने बीना शर्मा पत्नी राजेश कुमार शर्मा को करवाया उसमें स्वयं योगेश कुमार ने उत्तर में खसरा नंबर 2099 में पश्चिम में सरकारी जगह होना माना है फिर भी समस्त जगह को अपनी बताकर आपस में बेईमानी से

यह भी पढ़ें :  सगतपुरिया श्याम मन्दिर में गरूड़ भगवान की स्थापना

षड्यंत्र कर धोखाधड़ी कर रहे हैं व सरकारी जमीन को लगातार हड़प कर रहे हैं और लगातार फर्जी बयनामा तैयार कर रहे हैं इन लोगों ने खसरा नंबर 2098 की जमीन का 2022 में बयनामा कराया है इसलिए योगेश कुमार को एक चिन्हित जगह का नक्शा लगा कर बयनामा कराने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है इस तरीके से कराए गए बयनामो से तहसीलदार द्वारा अपने पापी पेट पालनहार योजना का साफ असर दिखाई देता है आखिर भूमियाओ और तहसीलदार के बीच का क्या है खेल|


WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now