प्रचंड गर्मी में लाइनमैन का संघर्ष, बिजली बहाल करने में दिन-रात जुटे कर्मचारी


भीषण गर्मी और बढ़ते बिजली फॉल्ट के बीच लाइनमैन लगातार जोखिम उठाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर रहे हैं, लोगों से सहयोग की अपील की गई।

प्रयागराज। राजदेव द्विवेदी। प्रचंड गर्मी में लाइनमैन का संघर्ष इन दिनों हर क्षेत्र में साफ दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। तापमान लगातार बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। घरों में कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर लगातार चलने से बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। ऐसे समय में पावर कॉर्पोरेशन के लाइनमैन और तकनीकी कर्मचारी तपती धूप में खंभों पर चढ़कर बिजली आपूर्ति सुचारु बनाए रखने में जुटे हैं।

#### बढ़ती गर्मी के साथ बढ़ रहे हैं बिजली फॉल्ट

गर्मी बढ़ने के साथ ट्रांसफॉर्मर फुंकने, बिजली के तार टूटने और जंपर जलने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इन फॉल्टों को ठीक करने के लिए लाइनमैन निर्धारित आठ घंटे की ड्यूटी से आगे बढ़कर 12 से 14 घंटे तक लगातार फील्ड में कार्य कर रहे हैं।

सिर पर हेलमेट, हाथों में इंसुलेटेड दस्ताने और पैरों में सुरक्षा जूते पहनकर वे लगभग 40 फीट ऊंचे बिजली के खंभों पर चढ़कर हाई वोल्टेज लाइनों की मरम्मत करते हैं। नीचे तेज लू और ऊपर बिजली का खतरा, ऐसे माहौल में छोटी सी चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

#### “गाली नहीं, एक गिलास ठंडा पानी दीजिए”

फील्ड में तैनात बिजलीकर्मियों का कहना है कि वे धूप और थकान सह सकते हैं, लेकिन जब बिजली बंद होने के दौरान लोग गाली-गलौज करते हैं तो उनका मनोबल प्रभावित होता है।

कर्मचारियों का कहना है कि मेंटेनेंस के लिए लिया जाने वाला शटडाउन आम लोगों की सुरक्षा और बड़ी दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से किया जाता है। इसलिए आमजन से अपील है कि शिकायत दर्ज कराएं, लेकिन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार न करें।

#### ऊर्जा विभाग ने लोगों से किया सहयोग का आह्वान

ऊर्जा विभाग की ओर से भी लोगों से सहयोग की अपील की गई है। विभाग का कहना है कि यदि किसी मोहल्ले में लाइनमैन बिजली सुधार कार्य कर रहे हों तो उन्हें एक गिलास ठंडा पानी, छाछ या नींबू-नमक का घोल उपलब्ध कराया जाए। यह छोटा सा सहयोग भीषण गर्मी में उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

#### मशीनों की भी होती है क्षमता की सीमा

भीषण गर्मी का असर केवल लोगों पर ही नहीं बल्कि बिजली व्यवस्था में उपयोग होने वाले ट्रांसफॉर्मर, केबल और अन्य उपकरणों पर भी पड़ रहा है। लगातार लगभग 44 डिग्री तापमान में ये मशीनें बिना रुके कार्य कर रही हैं। अधिक लोड पड़ने पर उनकी क्षमता प्रभावित होती है और कई बार वे खराब भी हो जाती हैं।

यह समस्या किसी एक शहर या मोहल्ले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में बढ़ते तापमान के कारण बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।

#### बिजली बहाल करने के लिए जोखिम उठा रहे कर्मचारी

जब कुछ मिनट के लिए बिजली बाधित होती है तो लोगों को असुविधा होती है। वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग के कर्मचारी उसी समय भीषण गर्मी में सड़कों पर, बिजली के खंभों पर और ट्रांसफॉर्मरों के पास खड़े होकर फॉल्ट दूर करने में जुटे रहते हैं।

वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं और अपनी जान जोखिम में डालकर केवल इस उद्देश्य से कार्य करते हैं कि लोगों के घरों में बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल हो सके।

#### सहयोग और सम्मान की अपील

बिजली गुल होने पर लोगों की नाराजगी स्वाभाविक हो सकती है, लेकिन उस नाराजगी का निशाना उन कर्मचारियों को नहीं बनाया जाना चाहिए जो दिन-रात व्यवस्था सुधारने में लगे हुए हैं। वे कोई जादूगर नहीं हैं, बल्कि परिस्थितियों और मौसम की चुनौतियों के बीच अपनी जिम्मेदारी निभाने वाले सामान्य कर्मचारी हैं।

इस भीषण गर्मी में लाइनमैनों का सम्मान करते हुए उनका मनोबल बढ़ाना और सहयोग करना समाज की साझा जिम्मेदारी है।

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