मनोज प्रजापत ने O-नेगेटिव रक्तदान कर नवजात की जान बचाई


एमजी अस्पताल के ब्लड बैंक में आपातकालीन स्थिति में लाइव डोनेशन कर लैब टेक्नीशियन मनोज प्रजापत ने तीन दिन के नवजात को नया जीवन दिया।

भीलवाड़ा| भीलवाड़ा में लैब टेक्नीशियन मनोज प्रजापत द्वारा दुर्लभ O-नेगेटिव रक्तदान मानवता, सेवा और कर्तव्यपरायणता का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया। शहर के राजकीय महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल के ब्लड बैंक में कार्यरत लैब टेक्नीशियन मनोज प्रजापत ने आपातकालीन स्थिति में अपना दुर्लभ O-नेगेटिव रक्त दान कर महज तीन दिन के नवजात शिशु को नया जीवन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आपातकाल में सामने आई दुर्लभ रक्त की आवश्यकता

जानकारी के अनुसार, महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती तीन दिन के नवजात शिशु की हालत गंभीर थी। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने तत्काल O-नेगेटिव ब्लड की आवश्यकता बताई। यह रक्त समूह अत्यंत दुर्लभ होने के कारण परिजनों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई और समय पर रक्त उपलब्ध कराना कठिन हो गया।

मनोज प्रजापत ने दिखाई तत्परता

ऐसे समय में सहयोग सेवार्थ फाउंडेशन की प्रेरणा से ब्लड बैंक में कार्यरत मनोज प्रजापत बिना किसी विलंब के स्वयं रक्तदान के लिए आगे आए। उनका स्वयं का रक्त समूह भी O-नेगेटिव है। उन्होंने तुरंत लाइव डोनेशन करते हुए ताजा रक्त उपलब्ध कराया, जिससे नवजात का समय पर उपचार संभव हो सका। उनकी तत्परता और सेवा भावना के कारण मासूम की जान बचाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।

पहले भी कई बार कर चुके हैं रक्तदान

यह मनोज प्रजापत का पहला सेवा कार्य नहीं है। वे इससे पहले भी कई आपातकालीन परिस्थितियों में दुर्लभ रक्त की आवश्यकता होने पर स्वयं रक्तदान कर गंभीर मरीजों की जान बचा चुके हैं। अस्पताल में उन्हें जरूरतमंद मरीजों के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले रक्तदाता के रूप में जाना जाता है।

ब्लड बैंक की सेवा परंपरा बनी प्रेरणा

महात्मा गांधी अस्पताल के ब्लड बैंक की यह वर्षों पुरानी परंपरा रही है कि जब भी किसी मरीज के लिए दुर्लभ रक्त उपलब्ध नहीं हो पाता, तब ब्लड बैंक के चिकित्सक और कर्मचारी स्वयं आगे आकर लाइव डोनेशन के माध्यम से मरीजों की जान बचाने का प्रयास करते हैं। यही सेवा भावना अस्पताल की कार्यसंस्कृति को विशेष पहचान दिलाती है।

ब्लड बैंक टीम ने की सराहना

रक्तदान के दौरान ब्लड बैंक में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. धर्मवीर बेरवा, भागचंद सोनी, शिवम बंसल तथा महेश मीणा ने मनोज प्रजापत की निस्वार्थ सेवा भावना की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि समय पर किया गया रक्तदान किसी भी जरूरतमंद के लिए सबसे बड़ा जीवनदान होता है।

परिजनों ने जताया आभार

नवजात शिशु के परिजनों ने भावुक होकर मनोज प्रजापत, ब्लड बैंक की पूरी टीम तथा सहयोग सेवार्थ फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर मिले रक्त ने उनके मासूम बच्चे को नया जीवन दिया है, जिसे वे जीवनभर नहीं भूल पाएंगे।

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद और नई सांसें भरने वाला सबसे बड़ा मानवीय कार्य है।

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