अखिल राजस्थान अनुसूचित जाति व जनजाति छात्रसंघ की ओर से मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम दिया ज्ञापन


बांसवाड़ा| अखिल राजस्थान अनुसूचित जाति व जनजाति छात्रसंघ की ओर से माननीय मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार एवं शिक्षा मंत्री को छात्र संघ के पदाधिकारी वर्तमान में राजकीय विद्यालय में विद्यार्थियों के प्रवेश हेतु न्यूनतम आयु पहली कक्षा में 6 वर्ष कर दी गई। इसको लेकर छात्र संगठन के संरक्षक मनोहर खड़िया ने बताया उक्त निर्णय से राजकीय विद्यालयों की पूरी व्यवस्था बिगड़ गई है। प्रथम कक्षा में 6 वर्ष के आयु सीमा के विद्यार्थी नहीं मिल रहे हैं। इतनी ज्यादा आयु में प्रथम कक्षा में प्रवेश होनी पर अभिभावक अपने बच्चों को प्राइवेट विद्यालय में एडमिशन हेतु बाध्य हो रहे हैं। इस दौरान जिला अध्यक्ष कांतिलाल निनामा बताया कि आर्थिक रूप से पिछड़े परिवार अपने बच्चों को प्राइवेट विद्यालय में बढ़नी हेतु प्रताड़ित हो रहे हैं इस परिदृश्य से तो आने वाले समय में राजकीय विद्यालय बंद होने के कगार पर होंगे एवं प्राइवेट विद्यालय फल फूल रहेंगे और निकेश चरपोटा ने निवेदन किया की श्रीमान से करबद्ध निवेदन है कि विद्यालय में प्रवेश हेतु न्यूनतम आयु सीमा का बाध्यता को हटवाया जावे जिससे की अभिभावक अपने बालकों को राजकीय विद्यालय में प्रवेश करवा सके। इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ छात्र नेता मोतीलाल मईडा, संभाग संगठन मंत्री शैलेंद्र खराड़ी सरपंच रोशन मईडा,छात्र नेता निकेश चरपोटा , तहसील अध्यक्ष विकास मईडा, अर्जुन मईडा, महामंत्री राहुल कटारा, मुकेश डिंडोर, विकास डामोर, छात्र प्रतिनिधि गौरव वडेरा, जिला मीडिया प्रभारी सुनील चरपोटा, विनोद निनामा यह सूचना मीडिया प्रभारी ने दी।


WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now