कुशलगढ़| मामा बालेश्वर दयाल राजकीय महाविद्यालय कुशलगढ़ एवं राजकीय कन्या महाविद्यालय कुशलगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में भूगोल विभाग व राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा विश्व जल दिवस मनाया गया। प्राचार्य महेन्द्र कुमार देपन ने विद्यार्थियों को जल ही जीवन थीम पर जल संरक्षण की शपथ दिलाई। भूगोल के विभागाध्यक्ष प्रो हिमांशु शाण्डिल्य ने कहा कि धरती पर पीने योग्य जल बहुत कम है।जिसके संरक्षण की महती आवश्यकता है। हमें जल की एक बूँद बूँद बचानी है। साथ ही मनुष्य के प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से हम प्रकृति के मौलिक स्वरुप को खो रहे हैं। जलवायु परिवर्तन इसका ही प्रभाव है। इससे ग्लेशियर पिघल रहे हैं। यदि ग्लेशियर इस तरह पिघलते रहे तो हमारा जीवन संकट में पड़ सकता है। पेय जल व स्थलीय भाग की कमी हो जाएगी। विश्व जल दिवस पर इस वर्ष की थीम ग्लेशियर संरक्षण है। भूगोल के विद्यार्थियों ने पोस्टर बनाकर जल संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत ही हिन्दी विभाग में राजस्थान लोक सेवा आयोग से नवचयनित सहायक आचार्य श्रीमती लक्ष्मी पटेल का हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो बनयसिंह सहित महाविद्यालय परिवार ने स्वागत अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में सहायक आचार्य डाॅ कविता डाॅ भावना उपाध्याय गिरिश कुमार जागृति चौहान एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।संचालन प्रो कन्हैयालाल खांट ने किया। ये जानकारी प्राचार्य महेन्द्र कुमार देपन ने दी।