जिम्मेदारों की मिली भगत से मनरेगा योजना में लग रहा घुन, मजदूरों के पलायन रोकने व रोजगार के लिए बनाई गई मनरेगा योजना
मनरेगा योजना में फर्जी मास्टर रोल बनाकर किया जा रहा भुगतान बना जांच का विषय, एपीओ शंकरगढ़ को मिल रहा डीसी मनरेगा का साथ-ब्लाक सूत्र
प्रयागराज। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा योजना केवल कागजी आंकड़ों तक सिमट कर रह गई है। जिम्मेदार इस योजना में जमकर लूट-खसोट कर सरकारी धन का बंदरबांट कर अपनी जेब भरने में लगे हैं। असल में जो इसके हकदार हैं मनरेगा मजदूर वह मारे-मारे फिर रहे हैं। उनके घर के चूल्हे किसी तरह जल रहे हैं तो वही जिम्मेदार उनके हक पर डाका डाल मौज कर रहे हैं। अगर कोई ग्रामीण इसकी शिकायत करता है तो जिम्मेदार अधिकारी मामले की लीपापोती कर उसे ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। जिला प्रशासन की तमाम कोशिशें के बाद भी महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। कहीं मशीनों से काम कराया जा रहा है तो कहीं प्रधान सचिव द्वारा फर्जी मास्टर रोल तैयार करने की शिकायतें भी मिल रही है। सरकार ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार का अवसर देने के लिए मनरेगा योजना के परिवार वालों पर जोर दे रही है लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही से इसमें भी भ्रष्टाचार का घुन लगता नजर आ रहा है। ब्लॉक क्षेत्र में प्रधान और सचिव की मनमानी से मनरेगा योजना लक्ष्य से भटकती नजर आ रही है।बात भ्रष्टाचार के प्रमुख बिंदुओं पर की जाए तो मनरेगा योजना में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। ब्लॉक सूत्रों की माने तो जिम्मेदार एपीओ और डीसी मनरेगा की मिली भगत से सरकार की पारदर्शिता की कोशिशें के बावजूद भ्रष्टाचार जारी है। यह मामला उच्च अधिकारियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि भ्रष्ट अधिकारी सरकार को बदनाम करने में जुटे हुए हैं। मनरेगा योजना पर बात की जाए और तमाम सूत्रों की बात मानी जाए तो मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर कमीशन खोरी का बड़ा खेल हो रहा है जिसमें विभागीय उच्च अधिकारियों से लेकर निम्न स्तर पर तैनात अधिकारियों की संलिप्तता के चलते भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग रहा। वहीं फर्जीवाडा़ कर विभागीय जिम्मेदार राजस्व की मलाई काट रहे हैं फिर कैसे हो मनरेगा योजना साकार और कैसे हो सरकार का वादा पूरा। जब इस विषय में खंड विकास अधिकारी से वार्तालाप की गई तब उनके द्वारा बताया गया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की जाएगी तथा जांच उपरांत दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

2008 से लगातार पत्रकारिता कर रहे हैं। 2008 से 2019 तक सर्वोदय वार्ता, सर्वोदय वार्ता मैगजीन में। 2020 से 2021 तक इंडियन लाइव टीवी में । 2021 से 2023 तक दैनिक समाचार पत्र पूर्वांचल स्वर प्रयागराज में। 2023 से 2024 तक दैनिक समाचार पत्र लक्ष्मण नगर जंक्शन में। 2024 से अब तक लगातार दैनिक समाचार पत्र लक्ष्य सामग्र में। 2021 से अब तक आवाज आपकी न्यूज़ पोर्टल में पत्रकार हैं।