रामधाम में रामायण चौपाइयों की गूंज जारी, रामनवमी पर होगा विशेष आयोजन, बच्चे बनेंगे राम, सीता व हनुमान
भीलवाडा। रामायण में माता सीता का जीवन हमें पतिव्रता बनने की प्रेरणा देता है। माता सीता अग्नि परीक्षा में भी खरी उतरी। हमें भी अपने चरित्र को ऐसा ही बनाना चाहिए। यह बात श्री रामधाम रामायण मंडल ट्रस्ट की ओर से हमीरगढ़ रोड स्थित रामधाम में 70वें अष्टोत्तरशत श्री रामचरित मानस नवाह्न पारायण महायज्ञ एवं यज्ञ के वार्षिक महोत्सव के पांचवे दिन माता सीता के प्रसंग में व्यास पीठ से पंडित घनश्याम उपाध्याय मांडल वालों ने कहीं। उन्होंने कहा कि माता सीता कलयुग में हर महिला के लिए प्रेरक है। अध्यक्ष सूर्यप्रकाश मानसिंहका एवं उपाध्यक्ष हेमंत मानसिहका ने बताया कि पाठ में पीत वस्त्र भारतीय परंपरा के अनुसार कुर्ता पजामा व राम नाम की पछेवड़ी पहने सैकड़ो श्रद्धालुओं ने रामायण की हर चौपाई के साथ यज्ञ में घी की आहुतियां देकर सुख शांति की कामना की। श्रीरामचरित मानस का पाठ व्यासपीठ से घनश्याम उपाध्याय (मांडल वालों) ने कराया। हवन-अनुष्ठान का संचालन पं. रामू शर्मा ने किया। ट्रस्ट के प्रवक्ता गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया कि रामधाम में रामनवमी पर 6 अप्रेल को श्री राम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन दोपहर 12.15 बजे विशेष पूजन होगा जबकि शाम को छप्पन भोग का आयोजन किया। भगवान राम-रामेश्वरम की आकर्षक झांकी के दर्शन के लिए इंदौर के कारीगरों की ओर से तैयार पोशाक धारण कराई जाएगी। रामनवमी पर बालक बालिका एवं श्रद्धालु राम सीता, हनुमान, वनवासी राम स्वरूप आदि बनकर आएंगे। श्रद्धालुओं के घरों से लाए गए प्रसाद से छप्पन भोग की झांकी सजाकर प्रसाद वितरण किया जाएगा शाम को साप्ताहिक रामायण पाठ का आयोजन होगा। गोपाल अग्रवाल, रमेश नवाल, पंडित सुशील शुक्ला, सत्यनारायण दानी, वेद्य सत्यनारायण न्याति, प्रतिभा मानसिंहका, मधु बांगड़ आदि का सहयोग रहेगा। कार्यक्रम 7 अप्रैल तक प्रतिदिन प्रात 7.15 से 10 बजे तक चलेगा। 7 अप्रेल को सुबह 10 बजे यज्ञ की पूर्णाहुति सुंदरकांड पाठ के साथ होगी।