कुशलगढ, बांसवाडा।अरुण जोशी। नचिकेता गुरुकुल के सभी आध्यात्मिक केन्द्रों का कार्यक्रम दिनांक 19 मार्च को बड़ा रामद्वारा, बांसवाड़ा में संपन्न हुआ l कार्यक्रम में सामाजिक समरसता विषय पर मार्गदर्शन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र सेवा प्रमुख शिव लहरी का मिला एवं कार्यक्रम में अध्यात्म विषय पर सानिध्य बडा रामद्वारा के संत राम प्रकाश महाराज का मिला l नचिकेता गुरुकुल के सचिव देवेन्द्र धाकड़ ने बताया कि गुरुकुल की स्थापना 12 जनवरी 2018 को जयपुर में हुई l गुरुकुल का मूल उद्देश्य संस्कार,शिक्षा, खेल,अध्यात्म एवं सेवा है l गुरुकुल राजस्थान में तीन क्षेत्रों शिक्षा, खेलकूद एवं अध्यात्म में कार्य कर रहा है l शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाशाली एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए जयपुर में नि:शुल्क छात्रावास संचालित है एवं खेलकूद के क्षेत्र में राजस्थान में भिन्न-भिन्न गावों/बस्तियों में 500 वॉलीबॉल केन्द्र संचालित है इसी प्रकार अध्यात्म के क्षेत्र में राजस्थान में भिन्न-भिन्न गावों/बस्तियों में 500 आध्यात्मिक केन्द्र संचालित है l गुरुकुल के सभी प्रकल्पों को निरंतर संचालन करने में गुरुकुल के संरक्षक जैन मित्र शैलेन्द्र घीया, मुम्बई का विशेष आर्थिक सहयोग एवं मार्गदर्शन रहता है lबांसवाड़ा जिला सचिव शीतल भंडारी ने बताया कि प्रत्येक आध्यात्मिक केन्द्र पर गुरुकुल द्वारा सत्संग करने के लिए नि:शुल्क सामाग्री ढोलक – एक, मंजीरे – दो जोड़ी, झीके- दो जोड़ी, हैंडताल- दो जोड़ी, सामाग्री रखने का बैग – एक एवं कुछ आध्यात्मिक, माहपुरुषों की पुस्तके दी हुई है l प्रत्येक केन्द्र पर न्यूनतम संख्या 25 माता – बहिनों की रहती है एवं प्रत्येक केन्द्र का संचालन सामुहिक रुप से साप्ताहिक किया जाता है। कुछ केन्द्रों का संचालन प्रतिदिन भी होता है एवं कुछ केन्द्रों पर प्रभात फेरी भी निकलती है। यह कार्य समाज के सभी वर्गों की माता-बहिनों के द्वारा संचालित है प्रत्येक केन्द्र पर श्रेष्ठ नागरिक के गुणों (संस्कार, व्यवहार,चरित्र,सेवा एवं अध्यात्म) के बारे में चर्चा होती है।इसलिए आध्यात्मिक केन्द्रों को निरन्तर संचालित करने से सामाजिक समरसता का भाव बढ़ता रहेगा। कार्यक्रम में गुरुकुल के केन्द्रों की प्रमुख माता- बहिनों सहित 120 सदस्य उपस्थित रहे l ये जानकारी बांसवाड़ा जिला सचिव शीतल भंडारी ने दी।