नदबई सर्राफा व्यापारी हत्याकांड: मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से सर्वसमाज में आक्रोश, 21 सदस्यीय कमेटी गठित

वारदात के 51 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, श्रीराम मंदिर में हुई बैठक में व्यापारियों ने जताई गहरी नाराजगी

नदबई। भरतपुर जिले के चर्चित नदबई सर्राफा व्यापारी हत्याकांड मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापार महासंघ और सर्वसमाज में भारी नाराजगी है। हत्याकांड से पहले रेकी करने वाले तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद मुख्य शूटर और साजिशकर्ता अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इस मामले को लेकर शुक्रवार देर शाम कस्बे के पंजाबी मोहल्ला स्थित श्रीराम मंदिर में सर्वसमाज की एक अहम बैठक आयोजित की गई।

पुलिस पर लगा औपचारिकता का आरोप, रणनीति के लिए बनी कमेटी

बैठक में मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस और एसआईटी (SIT) की टीमें महज औपचारिक कार्रवाई कर रही हैं। घटना के 51 दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और पुलिस-प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर आगामी रणनीति तैयार करने के लिए सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।

क्या था पूरा मामला?

गौरतलब है कि बीती 25 मार्च को नदबई कस्बे के पंजाबी मोहल्ला में श्रीराम मंदिर के पास अज्ञात बाइक सवार दो बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी योगेन्द्र चोपड़ा उर्फ योगी की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्या के बाद बदमाश व्यापारी के पास मौजूद जेवरात से भरा बैग लूटकर फरार हो गए थे।

एसआईटी (SIT) कर रही है जांच

इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के लिए रेंज आईजी के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने रेकी करने के आरोप में तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है, लेकिन लूट और हत्या को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों और आमजन में रोष व्याप्त है।

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