एडीजे न्यायालय ने एसीजेएम कोर्ट के फैसले को रखा यथावत, आरोपी को दो वर्ष कारावास और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा।
नदबई। नदबई एडीजे न्यायालय ने बुधवार को चेक अनादरण (चेक बाउंस) के एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपी की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को यथावत रखा। न्यायालय ने आरोपी को दो वर्ष के साधारण कारावास तथा 10 लाख रुपये के आर्थिक दंड की सजा बरकरार रखते हुए उसे जेल भेजने के आदेश दिए।
पांच लाख रुपये का चेक हुआ था बाउंस
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता गजराज फौजदार ने बताया कि खेड़ी देवीसिंह निवासी आरोपी योगेन्द्र सिंह पुत्र भूपसिंह ने बुढ़वारी निवासी गजेन्द्र सिंह पुत्र पूरन सिंह को 30 मार्च 2021 को पांच लाख रुपये का चेक दिया था।
जब पीड़ित ने चेक अपने बैंक खाते में प्रस्तुत किया तो 24 जून 2021 को खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद पीड़ित ने नदबई एसीजेएम न्यायालय में परिवाद दायर किया।
निचली अदालत ने सुनाई थी सजा
मामले की सुनवाई के बाद 12 अगस्त 2025 को तत्कालीन एसीजेएम विकासराम चौधरी ने आरोपी योगेन्द्र सिंह को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के साधारण कारावास तथा 10 लाख रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई थी।
इस फैसले के खिलाफ आरोपी ने नदबई एडीजे न्यायालय में अपील दायर की थी।
एडीजे कोर्ट ने अपील की खारिज
बुधवार को एडीजे आशुतोष गोसिंहा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी की अपील खारिज कर दी। न्यायालय ने एसीजेएम कोर्ट के पूर्व आदेश को यथावत रखते हुए सजा बरकरार रखी और आरोपी को जेल भेजने के निर्देश दिए।
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Bharatpur, Rajasthan
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