नैनीताल में धूमधाम से निकला मां दुर्गा का डोला, नैनी झील में विसर्जन


सर्वजनिन दुर्गा पूजा महोत्सव में नगर परिक्रमा के दौरान उमड़े हजारों श्रद्धालु, सिंदूरी होली, छोलिया नृत्य और स्कूली झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में सर्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी के तत्वावधान में आयोजित नव दुर्गा पूजा महोत्सव के तहत दशमी के दिन मां दुर्गा समेत विभिन्न देवी-देवताओं का डोला धूमधाम से निकाला गया। नगर परिक्रमा के बाद देर शाम नैनी झील में सभी मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इस दौरान हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे और मां दुर्गा के जयकारों से सरोवर नगरी गुंजायमान हो उठी।

महादशमी पूजन के बाद निकला डोला

दशमी के अवसर पर प्रातः मुख्य पुजारी शुभ चक्रवर्ती ने विधि-विधान से महादशमी पूजन कराया। इसके बाद दर्पण विसर्जन और देवी वरण सहित धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। अनुष्ठानों के बाद मां दुर्गा समेत अन्य देवी-देवताओं का डोला नगर परिक्रमा के लिए नयना देवी मंदिर से रवाना हुआ।

नयना देवी मंदिर परिसर के बाहर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर मां दुर्गा का स्वागत किया। भक्तों ने घरों से अक्षत और फूल बरसाकर मां के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

मुख्य बाजार से माल रोड होते हुए निकली शोभायात्रा

मां दुर्गा का डोला मुख्य बाजार से माल रोड होते हुए तल्लीताल पहुंचा। इसके बाद वैष्णो मंदिर और तल्लीताल बाजार क्षेत्र से होकर नगर परिक्रमा की गई। शोभायात्रा में बैंड-बाजे, छोलिया दल और भजन मंडलियां शामिल रहीं।

इस दौरान स्कूली बच्चों ने विभिन्न झांकियों का प्रदर्शन किया, जो आकर्षण का केंद्र रहीं। छोलिया नर्तकों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर शोभायात्रा की शोभा बढ़ाई। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर मां दुर्गा का अभिनंदन किया।

सुहागिन महिलाओं ने खेली सिंदूरी होली

दुर्गा पूजा महोत्सव के दौरान सुहागिन महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया। इसके बाद महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ सिंदूरी होली खेलकर पारंपरिक रस्म निभाई। इस दौरान महिलाओं में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।

भंडारों और भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण

डोला भ्रमण के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन के लिए उमड़े। विभिन्न स्थानों पर भक्तों की ओर से भंडारों का आयोजन किया गया। भजन मंडलियों की प्रस्तुतियों और मां के जयकारों से पूरे नगर में धार्मिक उत्साह बना रहा।

महोत्सव में बंगाली और कुमाऊंनी संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला। पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और श्रद्धालुओं की भागीदारी ने आयोजन को विशेष बनाया।

नैनी झील में सभी मूर्तियों का विसर्जन

नगर परिक्रमा पूरी होने के बाद देर शाम मां दुर्गा समेत सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों को नैनी झील में विसर्जित किया गया। इस दौरान सर्वजनिन दुर्गा पूजा महोत्सव के सदस्य, महिलाएं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

मां दुर्गा के जयकारों और भावपूर्ण माहौल के बीच महोत्सव का समापन हुआ।

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