बैंक एवं वित्तीय संस्थानों की मीटिंग, राष्ट्रीय लोक अदालत और POSH एक्ट पर जागरूकता


राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर सवाई माधोपुर में बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।

सवाई माधोपुर, 25 अगस्त 2026। राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर की ओर से मंगलवार को बैंक एवं विभिन्न वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के साथ ही कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित POSH एक्ट 2013 के प्रावधानों को लेकर जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया।

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने की। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर आवश्यक चर्चा की।

12 सितम्बर को होगी तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत

सचिव समीक्षा गौतम ने बताया कि वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितम्बर 2026 को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के राजीनामा योग्य विवादों और प्रकरणों का आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन प्रकरणों, मोटर दुर्घटना दावों से संबंधित क्लेम विवाद, एनआई एक्ट की धारा 138 से संबंधित प्रकरण, धन वसूली के सभी प्रकार के विवाद तथा वसूली से संबंधित लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया जा सकेगा।

इसके अलावा गृहकर से संबंधित विवाद, स्थानीय निकायों द्वारा वसूली से संबंधित सभी प्रकार के विवाद, सभी प्रकार के राजस्व विवाद तथा अन्य सिविल विवादों को भी राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण के लिए लिया जाएगा।

वहीं, उपभोक्ता विवाद, जनउपयोगी सेवाओं से संबंधित विवाद और अन्य सभी राजीनामा योग्य विवादों के निस्तारण की व्यवस्था भी राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से की जाएगी। इससे संबंधित पक्षकारों को अपने विवादों के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रकरण लोक अदालत में प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

बैंकों को प्री-लिटिगेशन प्रकरण समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश

बैठक के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित समय-सीमा का पालन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित बैंक शाखाओं के प्री-लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर में निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करने के लिए कहा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संबंधित पक्षकारों को जारी किए जाने वाले नोटिसों की तामील समय पर हो सके और राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रकरणों के निस्तारण की प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़े।

सचिव ने बैंक प्रतिनिधियों को अपनी-अपनी शाखाओं में राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत की प्रक्रिया और इसके माध्यम से विवादों के निस्तारण की जानकारी मिल सके, ताकि पात्र पक्षकार अपने प्रकरणों को राष्ट्रीय लोक अदालत में रैफर करवाकर उनका निस्तारण करा सकें।

POSH एक्ट 2013 के प्रावधानों की दी जानकारी

राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों से संबंधित बैठक के साथ ही जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम एवं पैनल अधिवक्ता अभय कुमार गुप्ता ने उपस्थित बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित कानून के प्रावधानों की जानकारी दी।

जागरूकता शिविर में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के विभिन्न प्रावधानों के संबंध में उपस्थित प्रतिनिधियों को जानकारी प्रदान की गई। शिविर का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष से संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

बैठक में इन बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

आयोजित बैठक एवं जागरूकता शिविर में जिला अग्रणी प्रबंधक प्रदीप कुमार उपस्थित रहे। इसके साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा से मुकेश मीना एवं रजनीश कुमार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से हरिप्रसाद मीना, अमृतलाल एवं ललित कुमार मीना ने भाग लिया।

बैंक ऑफ इंडिया से तेजराम मीना, बैंक ऑफ महाराष्ट्र से अनमोल अंगरीश, इंडियन ओवरसीज बैंक से दीवान सिंह मीना तथा यूको बैंक से दूलीसिंह मीना उपस्थित रहे।

इसी क्रम में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से सुजालाल, राजस्थान ग्रामीण बैंक से प्रदीपपाल सिंह एवं मनोज कुमार, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से हंसराज मीना एवं धनपाल गौतम तथा इंडसइंड बैंक से अवतारलाल गुर्जर ने बैठक में सहभागिता की।

इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक से रोहित नामा एवं वरूण गुप्ता, यस बैंक से नितेश शर्मा, केनरा बैंक से भागचन्द मीना, आईडीबीआई बैंक से ऐश्वर्य कांजोलिया तथा पंजाब एंड सिंध बैंक से प्यार सिंह गुर्जर भी मौजूद रहे।

वहीं, बंधन बैंक से देवीसिंह नरूका, हीरो फिनकॉर्प से दिलीप सिंह तथा श्रीराम फाइनेंस से नितेश सैनी ने भी आयोजित बैठक एवं जागरूकता शिविर में भाग लिया।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए बैंक एवं वित्तीय संस्थानों की भूमिका, प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को समय पर प्रस्तुत करने तथा संबंधित पक्षकारों तक राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी पहुंचाने पर विशेष रूप से चर्चा की गई। साथ ही POSH एक्ट 2013 के प्रावधानों के प्रति प्रतिनिधियों को जागरूक किया गया।

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