हंसराज चौधरी ने देशभर से आए रोगियों से किया संवाद, समय पर जांच, प्रमाणित उपचार, संतुलित खानपान और मानसिक मजबूती पर दिया जोर
शाहपुरा। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से मुकाबले में जागरूकता, समय पर जांच, उचित चिकित्सकीय उपचार और मानसिक मजबूती की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बीमारी के शुरुआती संकेतों को पहचानकर समय रहते चिकित्सक से परामर्श लेने से उपचार की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इसी उद्देश्य से मोती बोर का खेड़ा, रायला स्थित श्री नवग्रह आश्रम में देशभर से आए कैंसर रोगियों को स्वास्थ्य जागरूकता और जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
श्री नवग्रह आश्रम सेवा संस्था के प्रमुख हंसराज चौधरी ने रोगियों से संवाद करते हुए उन्हें चिकित्सकीय सलाह का पालन करने, उपचार के प्रति सजग रहने और कठिन परिस्थितियों में हिम्मत बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम में कैंसर के संभावित लक्षणों की पहचान, संतुलित खानपान, नियमित दिनचर्या और समय पर चिकित्सकीय जांच के महत्व पर चर्चा की गई।
शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील
हंसराज चौधरी ने कहा कि कैंसर के संभावित शुरुआती लक्षणों को अनदेखा करना नुकसानदायक हो सकता है। शरीर में कोई असामान्य बदलाव दिखाई देने पर उसे सामान्य समस्या मानकर लंबे समय तक टालने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। आवश्यकता के अनुसार जांच करवाना और बीमारी की स्थिति के अनुरूप उपचार शुरू करना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता केवल बीमारी होने के बाद ही जरूरी नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर भी कई स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। संतुलित भोजन, नियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर समय रहते ध्यान देना आवश्यक है।
चौधरी ने तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान जैसे हानिकारक पदार्थों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने रोगियों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए योग्य चिकित्सकों की सलाह लेने के प्रति जागरूक किया।
हिम्मत और धैर्य से करें बीमारी का सामना
रोगियों का मनोबल बढ़ाते हुए चौधरी ने कहा कि कैंसर का निदान होने पर घबराहट और चिंता होना स्वाभाविक है, लेकिन इसे जीवन की उम्मीदों का अंत नहीं मानना चाहिए। बीमारी का सामना धैर्य, हिम्मत और सकारात्मक सोच के साथ करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उपचार जारी रखना और नियमित रूप से स्वास्थ्य की स्थिति की समीक्षा करवाना जरूरी है। कैंसर के उपचार के दौरान परिवार के सदस्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। परिजनों का सहयोग, संवेदनशील व्यवहार और भावनात्मक संबल रोगी को कठिन परिस्थितियों में मजबूती प्रदान कर सकता है।
चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी वैकल्पिक या पारंपरिक उपचार को अपनाने से पहले उपचार कर रहे चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। किसी भी पद्धति के कारण प्रमाणित उपचार में देरी नहीं होनी चाहिए और चिकित्सकीय सलाह के बिना निर्धारित दवाएं बंद नहीं करनी चाहिए।
डॉ. राजकमल पारीक को भेंट की पुस्तकें
कार्यक्रम में पाली जिले के समाजसेवी एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राजकमल पारीक भी उपस्थित रहे। इस दौरान हंसराज चौधरी ने उन्हें उनकी कहानी तथा ‘आयुष्मान भवः—आयुर्वेद एवं आकलन’ पुस्तक के आठवें संस्करण की प्रति भेंट की।
इस अवसर पर साहित्य, समाजसेवा और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। उपस्थित लोगों ने कैंसर रोगियों को जागरूक करने और उनका मनोबल मजबूत बनाने के प्रयासों के महत्व पर चर्चा की।
दर्शन गौशाला में देसी नस्लों की गायों का संरक्षण
आश्रम की दर्शन गौशाला के संचालक महिपाल चौधरी ने भी उपस्थित रोगियों को जानकारी दी। उन्होंने जड़ी-बूटियों के उपयोग, उनसे संबंधित जानकारी और उनके प्रभावों के सत्यापन के महत्व पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि गौशाला में देश की विभिन्न नस्लों की गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य किया जा रहा है। पारंपरिक ज्ञान और जड़ी-बूटियों के संदर्भ में उन्होंने जानकारी की विश्वसनीयता जांचने तथा सावधानीपूर्वक उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी प्रयोग को अपनाने से पहले विश्वसनीय जानकारी प्राप्त करना और योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
जागरूकता के साथ प्रमाणित उपचार पर जोर
नवग्रह आश्रम में आयोजित इस पहल का उद्देश्य कैंसर रोगियों और उनके परिजनों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, समय पर जांच के महत्व को समझाना तथा उपचार के दौरान मानसिक मजबूती बनाए रखने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में खानपान, जीवनशैली, बीमारी के संभावित संकेतों और चिकित्सकीय मार्गदर्शन जैसे विषयों पर जानकारी साझा की गई। इस संवाद के माध्यम से रोगियों को संदेश दिया गया कि कैंसर से मुकाबले में जागरूकता, समय पर चिकित्सकीय सहायता, प्रमाणित उपचार और परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण हैं।
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Bhilwara, Rajasthan
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