निश्चल जैन ने कहा नियमित पढ़ाई से नहीं लक्ष्य तय कर पढ़ने से मिलती है सफलता बैडमिंटन खेलना पसंद करते हैं
आंजना, बांसवाड़ा।अरुण जोशी। गढ़ी उपखंड के आंजना गांव के निश्चल जैन पुत्र विनोद जैन ने शुक्रवार को जारी यूपीएससी के फाइनल रिजल्ट में ऑल इंडिया 119 सी रैंक हासिल कर वागड़ का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अगर जीवन में सही मायने में सफल होना है तो पढ़ाई को केवल रोजमर्रा की आदत नहीं बल्कि एक लक्ष्य की तरह लेना होगा। पढ़ाई को एंजॉय करते हुए और तय टारगेट के साथ करने से ही मंजिल हासिल की जा सकती है निश्चल जैन बचपन से ही पढ़ाई के साथ-साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी अव्वल रहे हैं। उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा न्यू लुक स्कूल परतापुर से और उच्च माध्यमिक शिक्षा उदयपुर से प्राप्त की। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज से मैथमेटिक्स ऑनर्स में स्नातक किया। निश्चल ने बताया कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने इतिहास,कला इतिहास,भूगोल, राजनीति,अर्थशास्त्र और समसामयिक विषयों पर विशेष ध्यान दिया जबकि वैकल्पिक विषय के रूप में गणित चुना उन्होंने कहा कि पढ़ाई के लिए कभी निश्चित घंटे तय नहीं किए। बल्कि लक्ष्य तय कर उसी के आधार पर तैयारी की। कभी टारगेट जल्दी पूरा हो जाता था तो कभी थोड़ा अधिक समय लगता था। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि बड़े लक्ष्य को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ाई करें। यूपीएससी जैसी परीक्षा में तीन चरण होते हैं और मुख्य परीक्षा में नौ अलग-अलग पेपर होते हैं। हर विषय के लिए दिन और महीने के हिसाब से लक्ष्य तय करने से तैयारी आसान हो जाती है। निश्चल ने बताया कि 2 साल पहले उनका चयन इंडियन डिफेंस अकाउंट सर्विस में हुआ था और फिलहाल उसकी ट्रेनिंग चल रही है। ट्रेनिंग के साथ-साथ इंटरव्यू की तैयारी भी की खाली समय में ऑनलाइन ब्रॉडकास्ट देखना और बैडमिंटन खेलने उन्हें पसंद है। जिससे मन तरोताजा रहता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय गृहिणी मां लता जैन और प्रधानाचार्य पिता विनोद जैन को दिया। निश्चल ने कहा कि उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें संसाधन भी दिए और पूरी आजादी भी।बड़ी बहन सलोंनी जैन और जीजा कौशिक पिंडारमियां का भी हमेशा सहयोग मिला। उन्होंने आचार्य विद्यासागर महाराज सहित संतों के आशीर्वाद को भी प्रेरणादाई बताया।ये जानकारी अनिल पंड्या ने दी।